क्या पेट्रोल, डीजल, घरेलू एलपीजी की कीमतें बढ़ेंगी, सरकार ने दिया जवाब
एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि देश में ईंधन की सप्लाई को लेकर कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी रिटेल आउटलेट्स पर एलपीजी सिलिंडर की उपलब्धता पर्याप्त है और कहीं भी किल्लत की स्थिति नहीं है।;
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध बनी हुई है। साथ ही, इन ईंधनों की खुदरा कीमतों में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।
घबराने की जरूरत नहीं
सोमवार को हुई एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि देश में ईंधन की सप्लाई को लेकर कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी रिटेल आउटलेट्स पर एलपीजी सिलिंडर की उपलब्धता पर्याप्त है और कहीं भी किल्लत की स्थिति नहीं है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भी सामान्य रूप से जारी है।
एलपीजी बुकिंग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अधिकारियों के मुताबिक, एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग में हाल के दिनों में तेजी आई है। रविवार को यह आंकड़ा बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं में मांग बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति तंत्र इसे संभालने में सक्षम है।
कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और इनमें किसी प्रकार की वृद्धि का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन इसका असर अभी घरेलू बाजार पर नहीं पड़ने दिया गया है।
पर्याप्त कच्चा तेल भंडार और सक्रिय रिफाइनरियां
पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके साथ ही, सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे ईंधन उत्पादन में कोई कमी नहीं आ रही है। यह कदम संभावित आपूर्ति बाधाओं से निपटने के लिए अहम माना जा रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। इस दिशा में दीर्घकालिक रणनीति के तहत भारत अपनी ऊर्जा भंडारण क्षमता को मजबूत करने की योजना बना रहा है।
एलएनजी स्टोरेज बढ़ाने की तैयारी
इसी क्रम में, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के भंडारण के लिए नए टैंक बनाने की तैयारी की जा रही है। पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि आने वाले समय में एलएनजी स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा, ताकि आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।
आयात पर निर्भरता एक चुनौती
भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिससे वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में एलएनजी स्टोरेज क्षमता बढ़ाना और आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है।
वैश्विक हालात पर नजर
सरकार ने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय बाजार और पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर त्वरित फैसले लेने के लिए सभी संबंधित मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाए रखा गया है।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी से बचें। मौजूदा हालात में देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई चेन पूरी तरह मजबूत है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है। सरकार के भरोसे और सक्रिय रणनीति से यह स्पष्ट है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को ईंधन की उपलब्धता या कीमतों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।