हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला, तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी; बोलीं- कई बार निजी कीमत चुकानी पड़ी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। भावुक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कप्तानी के दौरान टीम के लिए अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा।;
‘कई बार निजी कीमत चुकानी पड़ी’
हरमनप्रीत ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने भारतीय टीम और महिला क्रिकेट के लिए अपना सबकुछ दिया। उनके मुताबिक, कई मौकों पर टीम को प्राथमिकता देने के लिए उन्हें अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और निजी महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े, जिन्हें हर बार समझा नहीं गया। इन फैसलों की उन्हें कई बार निजी कीमत भी चुकानी पड़ी, लेकिन उनका उद्देश्य टीम को बेहतर बनाना और साथी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना था।
हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने टीम के साथ मुश्किल दौर, आलोचना और निराशा भी देखी और जीत, जश्न तथा देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी महसूस किया। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा टीम प्रतिभा, चरित्र और आत्मविश्वास के साथ सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
2016 में संभाली थी T20 टीम की कमान
हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय महिला T20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें ODI और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी की जिम्मेदारी मिली। 2023 में वह भारतीय महिला टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तान बनीं। करीब एक दशक तक नेतृत्व करने के बाद अब उन्होंने इस भूमिका से हटने का फैसला किया है।
उनकी कप्तानी के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 में आई, जब भारत ने पहली बार महिला ODI वर्ल्ड कप का खिताब जीता। हाल ही में हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2026 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल हासिल किया।
अब कौन संभालेगा टीम की कमान?
हरमनप्रीत के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल उनके उत्तराधिकारी को लेकर है। उपकप्तान स्मृति मंधाना का नाम संभावित विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है, लेकिन नए कप्तान की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। हरमनप्रीत का फैसला गुवाहाटी में हुई BCCI समीक्षा बैठक के बाद सामने आया, जिसमें BCCI सचिव देवजीत सैकिया, स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल थे।
हरमनप्रीत ने अपने संदेश के अंत में कहा कि कप्तानी का दौर भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने टीम, कोचिंग स्टाफ, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि अब वह फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हैं।