वॉशिंगटन/दुबई। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर को हुई घटना को लेकर जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्लाइट के को-पायलट हमाम अल-हमामी के पुराने रिकॉर्ड और उसकी नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के पीछे ईरान को जिम्मेदार मानने की बात कही है। हालांकि, वेंस ने स्पष्ट किया कि अभी तक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ईरान की भूमिका साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे। आरोप है कि को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। बाद में यात्रियों और विमान में मौजूद पायलटों की मदद से उसे काबू किया गया और विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
वेंस ने हमामी के पुराने रिकॉर्ड पर उठाए सवाल
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हमामी पहले से ही चिंता का विषय था। उन्होंने कहा कि यह केवल अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की जानकारी का मामला नहीं है, बल्कि उसके पुराने रिकॉर्ड से भी कई सवाल खड़े होते हैं। वेंस के मुताबिक, ओमान के अधिकारियों ने पहले उसके व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी और उसे उड़ान ड्यूटी से हटाया गया था। इसके बावजूद बाद में उसे यात्री विमान उड़ाने की जिम्मेदारी कैसे मिली, यह जांच का महत्वपूर्ण सवाल है। रिपोर्टों के अनुसार, ओमान में 29 वर्षीय हमामी की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की गई थी। उसकी कथित कट्टरपंथी विचारधारा में रुचि को लेकर चिंता जताई गई थी। 2024 में इसी वजह से उसे ओमान की सरकारी एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटाए जाने की बात सामने आई है।
ओमान ने कहा- किसी ने बैकग्राउंड रिपोर्ट नहीं मांगी
ओमान का कहना है कि किसी दूसरे देश या एयरलाइन ने हमामी की पृष्ठभूमि को लेकर उससे जानकारी नहीं मांगी थी। ओमानी अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी देश ने औपचारिक रूप से ऐसी जानकारी मांगी होती तो उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी साझा की जाती। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में फ्लाईदुबई से जुड़ने के समय एयरलाइन ने उसकी पिछली नौकरी और रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए ओमान से संपर्क नहीं किया था। हमामी करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई में शामिल हुआ था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पहले सामने आई चिंताओं के बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
वेंस बोले- ईरान के खिलाफ अभी ठोस सबूत नहीं
फ्लाईदुबई घटना में ईरान के कथित कनेक्शन पर वेंस ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई पक्का सबूत उनके सामने नहीं आया है, जिससे ईरान की भूमिका साबित हो सके। उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की जांच पर भरोसा करेंगे और किसी आधिकारिक घोषणा से पहले इस मामले में टिप्पणी नहीं करना चाहते। वेंस ने कहा कि वह मामले को CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ और अन्य खुफिया अधिकारियों पर छोड़ेंगे। उनके मुताबिक जांच जारी है, लेकिन अभी तक उन्होंने ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा है, जो ईरान की संलिप्तता साबित करे।
ट्रंप ने ईरान को जिम्मेदार बताया
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फ्लाईदुबई की घटना को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि 30 सितंबर को हुई इस घटना के लिए ईरान जिम्मेदार था। ट्रंप के इस बयान के बाद मामले का अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक पहलू और भी गंभीर हो गया है। हालांकि, वेंस के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी ईरान की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
UAE ने माना- आतंकी हमला करने की थी साजिश
यूएई के अटॉर्नी जनरल और प्रॉसिक्यूटर जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने 3 अक्टूबर को कहा था कि शुरुआती जांच में हमामी द्वारा आतंकवादी हमला करने की साजिश रचे जाने के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना की जांच में को-पायलट द्वारा आतंकी हमला करने की कोशिश की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में घटना के मकसद, पूरे घटनाक्रम और किसी संभावित संगठन या व्यक्ति से कनेक्शन का पता लगाया जा रहा है।
तेल अवीव में विमान क्रैश करने की योजना का दावा
पूछताछ के दौरान हमामी से जुड़ी जांच में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि उसने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने की योजना बनाई थी। यह भी दावा किया गया है कि उसने इसी साल की शुरुआत में ऐसी ही एक अन्य योजना पर विचार किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया। हालांकि जांच अभी जारी है और इन दावों की पूरी पुष्टि जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
कैसे मिली तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी?
जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट में ड्यूटी कैसे मिली। इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय समेत कई एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमामी से जुड़ी पिछली चिंताओं के बावजूद उसे फ्लाइट क्रू का हिस्सा किस प्रक्रिया के तहत बनाया गया।
174 यात्रियों की जान बची
घटना के समय विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में इजराइली नागरिक बताए गए हैं। आरोप है कि हमामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। स्थिति बिगड़ने पर कैप्टन ने समय रहते कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों ने आरोपी को काबू कर लिया। इसके बाद यात्री के रूप में विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला। विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। घटना के बाद हमामी को सऊदी अरब से UAE भेजा गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है।