रेजीनगर में मतदान के बीच हुमायूं कबीर को गिरफ्तार किया गया, पुलिस को धमकी देने का आरोप

मंगलवार सुबह मतदान करने के तुरंत बाद हुमायूं कबीर ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके आवास को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।;

Update: 2026-10-06 07:14 GMT

मुर्शिदाबाद। West bengal By Election 2026: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान मंगलवार को उस समय तनाव बढ़ गया, जब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने गिरफ्तार में ले लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई कथित तौर पर शांति व्यवस्था भंग करने, पुलिस को धमकी देने और मतदान प्रक्रिया के दौरान भड़काऊ आचरण के आरोपों में की। कबीर को उनके पार्टी कार्यालय के पास से हिरासत में लेकर रेजीनगर थाने ले जाया गया। गिरफ्तार किए जाने के दौरान कबीर के समर्थकों और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कबीर को खींचकर पुलिस वाहन में बैठाया। एहतियात के तौर पर रेजीनगर थाने के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।

मतदान के बाद पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मंगलवार सुबह मतदान करने के तुरंत बाद हुमायूं कबीर ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके आवास को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। कबीर ने अपने समर्थकों को पुलिस की कथित कार्रवाई के खिलाफ सड़क पर उतरने का आह्वान भी किया। उनके इस बयान के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। पुलिस बल कुछ ही देर बाद रेजीनगर स्थित उनके पार्टी कार्यालय पहुंचा और उन्हें हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने बताया कार्रवाई का कारण

जिले के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, हुमायूं कबीर इस चुनाव में न तो प्रत्याशी हैं और न ही अधिकृत पोलिंग एजेंट हैं। इसके बावजूद मतदान प्रक्रिया के दौरान उनके घूमने और कथित तौर पर भड़काऊ गतिविधियों में शामिल होने को गंभीरता से लिया गया। पुलिस के मुताबिक, चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी आधार पर कबीर को हिरासत में लिया गया। हालांकि, कबीर के समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया। हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद रेजीनगर सीट से चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में मतदान के दिन उनके पिता की हिरासत से इलाके में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।

नंदीग्राम में भी चुनावी माहौल गर्म

रेजीनगर के अलावा पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव के दौरान राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंटों को जबरन उठाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष मतदान की मांग की। इस बीच चुनाव आयोग ने नंदीग्राम थाने के प्रभारी अधिकारी को मतदान से ठीक एक दिन पहले बदल दिया। सोमवार को मौजूदा प्रभारी अजय कुमार मिश्रा को हटाकर उनकी जगह देबाशीष सरकार को नया प्रभारी नियुक्त किया गया।

बदले गए थाना प्रभारी

जानकारी के मुताबिक, विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि अजय कुमार मिश्रा सत्ताधारी दल के करीबी हैं। शिकायतों के बाद आयोग ने उन्हें हटाने का फैसला किया। मिश्रा को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम थाने में तैनात किया गया था। थाना प्रभारी के बदलाव को चुनाव आयोग की निष्पक्ष चुनाव कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

रेजीनगर और नंदीग्राम में जीत का दावा 

पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बागडोगरा में हुमायूं कबीर की हिरासत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दिन पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना अपना कर्तव्य समझा, जो कथित तौर पर हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा करने और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे थे। भट्टाचार्य ने दावा किया कि BJP नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करेगी। उनके बयान से साफ है कि दोनों सीटों पर मुकाबला बेहद राजनीतिक और संवेदनशील बना हुआ है।

छह सीटों पर हो रहा उपचुनाव

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के अलावा मंगलवार को तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर भी मतदान हो रहा है। पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इन सभी सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल की दोनों सीटों पर सामने आई घटनाओं ने सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव को लेकर बहस तेज कर दी है। अब निगाहें मतदान प्रतिशत, चुनाव आयोग की रिपोर्ट और 9 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर रहेंगी।

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