चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का मार्च रोका गया, अखिलेश-अभिषेक बनर्जी हिरासत में, आकाशवाणी भवन में घुसे राहुल गांधी

SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च रोका और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।;

Update: 2026-10-06 06:59 GMT

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया। INDIA ब्लॉक के सांसदों और नेताओं ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मार्च को निर्वाचन सदन से पहले रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्टीरेस सांसद प्रियंका गांधी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन समेत INDIA ब्लॉक के तमाम नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। राहुल गांधी फिलहाल आकाशवाणी भवन में गए हैं। अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल में घपला करके बीजेपी की जीत हुई। मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विपक्ष के इस विरोध मार्च में कई पार्टियों के नेता और सांसद शामिल हुए हैं। निर्वाचन सदन के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर INDIA ब्लॉक के नेताओं को रोक दिया है.।राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए।

बैरिकेडिंग के सामने बढ़ा तनाव

विपक्षी सांसदों के मार्च को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ समाजवादी पार्टी सांसद बैरिकेड पार करने की कोशिश करते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी।

मार्च रुकने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। राहुल गांधी ने एक पोस्टर के जरिए भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

SIR और वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष के आरोप

विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। विपक्षी नेता चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रहा है। ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रक्रियाओं को कानून के अनुरूप बता रहा है।

Form-6 पर भी छिड़ा विवाद

SIR विवाद के बीच Form-6 को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल, Form-6 में एक अतिरिक्त सेक्शन जोड़े जाने को लेकर विवाद है, जिसमें आवेदक के माता-पिता की पिछली SIR से संबंधित जानकारी मांगी गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि वैधानिक Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि अतिरिक्त जानकारी प्रक्रिया का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि उसने Form-6 में किसी संशोधन को मंजूरी नहीं दी थी।

दिल्ली में भारी पुलिस बल और ट्रैफिक डायवर्जन

विरोध मार्च को देखते हुए निर्वाचन सदन और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए। दिल्ली में पहले से लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इससे मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ।

कनॉट प्लेस, पटेल चौक, संसद मार्ग, अशोक रोड और जंतर-मंतर रोड समेत आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया। दिल्ली पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

चुनाव आयोग पर बढ़ता राजनीतिक दबाव

SIR को लेकर पिछले कई दिनों से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दल CEC के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। ऐसे में मंगलवार का मार्च इस विवाद को लेकर जारी राजनीतिक टकराव का एक और बड़ा घटनाक्रम बन गया है।

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