दिवाली के जश्न के बीच दिल्ली की हवा बनी जहरीली, 376 पहुंचा AQI; अगले कुछ दिन सांसों पर संकट

दिल्ली में दिवाली के बीच वायु प्रदूषण बढ़ गया है। रविवार को AQI 376 दर्ज हुआ, जबकि जहांगीरपुरी में यह 463 पहुंच गया। 9 नवंबर से हवा गंभीर श्रेणी में जाने का अनुमान है।;

Update: 2026-11-08 16:02 GMT

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिवाली के जश्न के बीच वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार, 8 नवंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 376 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। सुबह से ही शहर के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई रही और दृश्यता भी प्रभावित हुई। शाम को दिवाली के दौरान आतिशबाजी और पटाखों के इस्तेमाल के बाद हवा की स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई गई है।

वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार 9 नवंबर को दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। विशेषज्ञों ने इसके पीछे दिवाली पर आतिशबाजी, वाहनों से निकलने वाला धुआं और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं को प्रमुख वजह बताया है।

जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा प्रदूषण, 463 पहुंचा AQI

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 59 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 12 पर रविवार को AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि 22 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता बहुत खराब रही। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 463 AQI रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली का औसत AQI शनिवार को 369 था, जो रविवार को बढ़कर 376 हो गया। यानी महज एक दिन में प्रदूषण के स्तर में और इजाफा हुआ। कई इलाकों में स्थिति पहले ही गंभीर श्रेणी तक पहुंच चुकी है।

अगले कुछ दिन गंभीर रह सकती है हवा

दिल्ली के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के पूर्वानुमान के अनुसार, 9 नवंबर से अगले कुछ दिनों तक राजधानी की हवा गंभीर श्रेणी में बनी रह सकती है। दिवाली के बाद पटाखों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषक कणों का असर वातावरण में दिखाई दे सकता है।

इसके अलावा मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी प्रदूषण को बढ़ा रही हैं। हवा की गति कम होने और प्रदूषकों के एक जगह जमा होने से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है।

PM 2.5 बना सबसे बड़ा प्रदूषक

रविवार को दिल्ली की हवा में PM 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा। दिल्ली के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुमान के मुताबिक, शहर के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत रहने की संभावना थी। वहीं, पराली जलाने का योगदान लगभग 3.5 प्रतिशत आंका गया। सोमवार को इसके घटकर करीब 2.99 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया।

जानिए AQI की अलग-अलग श्रेणियां

CPCB के मानकों के अनुसार, 0 से 50 तक AQI अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आता है।

लगातार बिगड़ती हवा के बीच बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना और बाहरी शारीरिक गतिविधियां सीमित रखना बेहतर होगा।

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