बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे पीएम मोदी, बोले- नक्सलवाद के खात्मे के बाद यह ऐतिहासिक दीपावली

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली दीपावली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त होने की उपलब्धि के साथ पर्व मना रहा है। उन्होंने इस सफलता को असाधारण बताते हुए इसका श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों को दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जवानों की मेहनत और साहस के कारण बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।;

Update: 2026-11-08 07:27 GMT

बस्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली देश के लिए विशेष और ऐतिहासिक है, क्योंकि दशकों से चली आ रही नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत ने बड़ी सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री ने जवानों के त्याग, बलिदान और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि देश का हर सैनिक उनके परिवार का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली दीपावली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त होने की उपलब्धि के साथ पर्व मना रहा है। उन्होंने इस सफलता को असाधारण बताते हुए इसका श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों को दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जवानों की मेहनत और साहस के कारण बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।

करनपुर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर दौरे के दौरान करनपुर स्थित कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस का दौरा किया। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और अभियान शुरू करने के महत्वपूर्ण स्थान के रूप में काम करता रहा है। प्रधानमंत्री ने यहां सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की और उनके साथ दीपावली का पर्व मनाया। उन्होंने जवानों के बीच पहुंचकर कहा कि देशभर में करोड़ों भारतीय प्रकाश का यह पावन त्योहार मना रहे हैं। लोग अपने परिवारों के साथ खुशियां साझा करने के लिए दूर-दूर से घर लौट रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, "आज, पूरे देश में और दुनिया के हर कोने में, करोड़ों भारतीय रोशनी का यह पावन पर्व मना रहे हैं। लोग अपने घरों को लौटने के लिए दूर-दूर से यात्रा कर रहे हैं। परिवारों और अपनों के एक साथ मिलकर जश्न मनाने का यह एक बहुत अच्छा अवसर है। मैं भी दिवाली मनाने के लिए आप लोगों के बीच आया हूं।"

जवानों को बताया अपना परिवार

प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर और आंतरिक सुरक्षा में तैनात सैनिक राष्ट्र की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत माता के वीर बेटे और बेटियां देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, "जो लोग सीमाओं पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, जो देश के रक्षक हैं और भारत माता के वीर बेटे-बेटियां हैं, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग और समर्पण का आभार व्यक्त करने आया हूं।" प्रधानमंत्री ने जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सेवा और समर्पण के कारण देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

नक्सलवाद के प्रभाव वाले क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद

प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कभी नक्सलवाद के खतरे से प्रभावित था। लेकिन सुरक्षा बलों के बलिदान और समर्पण के कारण अब यहां नक्सलवाद का खतरा समाप्त होने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा, "आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। इस बार, मैं बस्तर के जंगलों में दिवाली मनाने आया हूं। यह वह जगह है जहां कभी नक्सलवाद का खतरा हुआ करता था। लेकिन, आपके बलिदान और समर्पण की बदौलत, अब इसी इलाके से नक्सलवाद का खतरा खत्म हो गया है और विकास की एक नई लहर शुरू हो गई है।" प्रधानमंत्री ने जवानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की मेहनत से प्रभावित क्षेत्रों में विकास, शांति और बेहतर भविष्य की उम्मीद मजबूत हुई है।

2014 से जवानों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 से लगातार सुरक्षा बलों के जवानों के बीच दीपावली मनाते आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। उनका उद्देश्य जवानों के साथ त्योहार मनाकर उनके योगदान और समर्पण के प्रति सम्मान व्यक्त करना रहा है। प्रधानमंत्री के पिछले दीपावली कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है: 

2014: सियाचिन, लद्दाख में सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई। 

2015: पंजाब के अमृतसर स्थित खासा के डोगराई युद्ध स्मारक पहुंचे। 

2016: हिमाचल प्रदेश के सुमदो में सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ त्योहार मनाया। 2017: जम्मू-कश्मीर की गुरेज घाटी में एलओसी के पास सेना और बीएसएफ के जवानों के बीच पहुंचे। 

2018: उत्तराखंड के हर्षिल में सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ दीपावली मनाई। इसके बाद केदारनाथ गए। 

2019: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एलओसी पर तैनात जवानों के साथ दीपावली मनाई। 

2020: राजस्थान के जैसलमेर स्थित लोंगेवाला बॉर्डर पोस्ट पहुंचे। 

2021: जम्मू-कश्मीर के नौशेरा में सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई। 

2022: लद्दाख के कारगिल में भारतीय सेना के जवानों के बीच पहुंचे। 

2023: हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में सुरक्षा बलों के साथ दीपावली मनाई। 

2024: गुजरात के कच्छ स्थित लक्की नाला और सर क्रीक क्षेत्र में जवानों के साथ त्योहार मनाया। 

2025: गोवा और कारवार के पास पश्चिमी समुद्री सीमा पर आईएनएस विक्रांत में नौसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई। 

2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई।

बस्तर दौरे से जवानों का मनोबल बढ़ाने का संदेश

प्रधानमंत्री का बस्तर दौरा सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का संदेश देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जवानों के साथ दीपावली मनाकर पीएम मोदी ने उनके त्याग और समर्पण को देश की सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में जवानों की भूमिका असाधारण रही है। देश उनके बलिदान को याद करता है और उनके योगदान के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा।

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