देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू और उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरधारी लाल को उत्तर प्रदेश के झांसी और सतेंद्र को बरेली के जोगी नवादा इलाके से पकड़ा। दोनों आरोपितों को शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मंत्री की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में पूर्व विवाह की जानकारी छिपाने, मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
15 अक्टूबर को मंत्री ने दर्ज कराया था मुकदमा
रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून की कैंट कोतवाली में अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि गिरधारी लाल ने पूर्व विवाह की जानकारी छिपाकर उनसे शादी की। इसके अलावा उनके साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने के आरोप भी लगाए गए थे। मंत्री की शिकायत में कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेज तैयार करने का मामला भी शामिल था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
हाई कोर्ट से नहीं मिली गिरफ्तारी पर राहत
मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद गिरधारी लाल गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चले गए थे। पुलिस ने उनकी तलाश में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार उन्हें झांसी से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र से पकड़ा गया।
फर्जी दस्तावेजों से निदेशक पद बदलने का आरोप
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि गिरधारी लाल साहू ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर रेखा आर्या को चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाए जाने का आरोप है। जांच में जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनमें देवों के देव महादेव, बनखंडी रुद्राक्ष धाम, श्री अंबे आटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। पुलिस अब इस मामले में दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका रही है या नहीं।
महिला मित्र से बातचीत की ऑडियो क्लिप भी जांच में
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर पुलिस टीमों ने दबिश दी थी। विवेचना के दौरान गिरधारी लाल साहू और उनकी महिला मित्र के बीच इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित बातचीत की ऑडियो क्लिप भी पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस इस ऑडियो क्लिप की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। गिरधारी लाल साहू को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि उनसे पूछताछ कर मामले की विस्तृत जानकारी हासिल की जा सके।
44 मुकदमों में आरोपी रह चुका है गिरधारी
पुलिस के अनुसार, गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा समेत अलग-अलग धाराओं में कुल 44 मुकदमे दर्ज हैं। वह बरेली में गैंगस्टर भी रह चुका है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद गिरधारी ने खुद को बताया निर्दोष
गिरफ्तारी के बाद पत्रकारों से बातचीत में गिरधारी लाल साहू ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को गलत करार दिया। गिरधारी ने कहा कि यदि उनके जेल जाने से उनकी पत्नी को खुशी मिलती है तो उन्हें कोई शिकायत नहीं है। फिलहाल दोनों आरोपित जेल में हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच और पूछताछ के लिए गिरधारी लाल साहू की कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।