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गाँव को गाँव ही रहने दो
उषा किरण खान चांदनी छिटकी है चहुँ ओर दो दिनों से मेघ उमड़-घुमड़ रहा है पर जेठ की पूनो तिमिर का सीना चाक कर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रही थी। उमा बहू लाठी...

उषा किरण खान चांदनी छिटकी है चहुँ ओर दो दिनों से मेघ उमड़-घुमड़ रहा है पर जेठ की पूनो तिमिर का सीना चाक कर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रही थी। उमा बहू लाठी...