उप्र : यमुना का पानी गांवों में घुसा, हजारों बीघा फसल डूबी
हरियाणा के हथनी कुंड और राजस्थान के कोटा बैराज से यमुना नदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट जिले में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है
बांदा/चित्रकूट/हमीरपुर। हरियाणा के हथनी कुंड और राजस्थान के कोटा बैराज से यमुना नदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट जिले में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। यमुना की तलहटी में बसे एक सैकड़ा गांव पानी से घिर गए हैं। गांवों को जाने वाले संपर्क मार्ग टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और ग्रामीण खेत और सड़कों में नौका के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। अचानक बढ़े जलस्तर से हजारों बीघा फसल डूबकर नष्ट हो गई है। बांदा स्थित केंद्रीय जल आयोग के उपखंड अभियंता अमित करेडिया ने मंगलवार को बताया, "अचानक जलस्तर बढ़ने से केन और यमुना नदी में बाढ़ आ गई है और नदियों के किनारे बसे गांवों में पानी घुस गया है। सोमवार शाम यमुना नदी का जलस्तर 98.47 मीटर था, जो खतरे के निशान 100 मीटर से महज डेढ़ मीटर कम था। इसी प्रकार केन नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104 मीटर के सापेक्ष 98.40 मीटर था। फिलहाल केन नदी का जलस्तर स्थिर है और दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से यमुना नदी का पानी सिमट रहा है।"
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने बताया, "यमुना नदी में आई बाढ़ से जौहरपुर, बेंदा, कतार, खेरा, जोरावरपुर, चरका, बीरा, लखनपुर, औदहा, अरमार, औगासी, बाकल, मुड़वारा, अमेढ़ी, खटान, गौरा, जलालपुर, दादों, बरौली, मरका, मटेहना, राघौपुर, समगरा, निभौर, इंगुआ, कठार, अमचौली, सबादा, चिल्ला, लोमर, सादीमदनपुर, अदरी, लसड़ा, खप्टिहा खुर्द, गडोला, चंदवारा, गौरीकला, महबरा, मवई घाट, नारायण, बड़ागांव, इछावर, पिपरोदर, पदारथपुर, भवानीपुर, तारा, खजूरी, शंकरपुरवा, बसहरी, अलोना, झंझरी, नांदादेव और नरी गांव प्रभावित हैं। कई गांवों की सड़कें पानी में डूब गई हैं और ग्रामीण नावों के सहारे आवा-जाही कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि इन गांवों में सोमवार की रात मुनादी करवाकर लोगों को अलर्ट किया गया है। हजारों बीघा फसल डूब गई है।
चित्रकूट जिले में भी यमुना नदी में आई बाढ़ का असर है। तहसीलदार दिलीप सिंह ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने के बाद बताया, "राजापुर क्षेत्र के चार दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है और लोगों को गांवों से बाहर सुरक्षित स्थान में ले जाने के लिए सड़कों व खेतों में नाव चलवाई जा रही है।"
हमीरपुर जिले में भी बेतवा और यमुना नदी का पानी कहर बरपा रहा है। जिलाधिकारी अभिषेक प्रताप ने बताया कि कई बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है।