U-19 विश्व कप: भारत ने पाकिस्तान को 58 रन से हराया, सेमीफाइनल में अफगानिस्तान से भिड़ंत

महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 252 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। शुरुआत संतुलित रही, लेकिन बीच के ओवरों में विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई थी।

Update: 2026-02-01 22:07 GMT

नई दिल्ली। सीनियर स्तर पर टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान के भारत से खेलने से इन्कार के बीच अंडर-19 विश्व कप में भारतीय जूनियर टीम ने मैदान पर दमदार जवाब दिया। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 58 रन से हराकर न केवल सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि पिछले साल दिसंबर में एशिया कप फाइनल में मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। इस हार के साथ ही पाकिस्तान का टूर्नामेंट से सफर समाप्त हो गया। सेमीफाइनल में भारत का सामना अफगानिस्तान से होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने होंगे।

पहले बल्लेबाजी, 252 रन का मजबूत स्कोर

महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 252 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। शुरुआत संतुलित रही, लेकिन बीच के ओवरों में विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई थी। इस मुश्किल घड़ी में वेदांत त्रिवेदी ने जिम्मेदारी संभाली और 68 रन की सधी हुई पारी खेली। उन्होंने पारी को संभालते हुए साझेदारियां निभाईं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में कनिष्क चौहान और खिलन पटेल ने आठवें विकेट के लिए 50 रन की अहम साझेदारी कर भारत को सम्मानजनक से बढ़कर चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया। कनिष्क ने 35 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसने मैच का रुख बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। खिलन पटेल ने भी 21 रन का उपयोगी योगदान दिया।

पाकिस्तान की धीमी रणनीति, लक्ष्य से दूर

252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत संभली हुई रही। पहले 25 ओवरों तक पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने संयमित बल्लेबाजी की और स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते रहे। हालांकि, पाकिस्तान के सामने सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के साथ लक्ष्य को 33.3 ओवर में हासिल करने की चुनौती थी। 33.3 ओवर में टीम चार विकेट पर 167 रन तक पहुंची, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी में आक्रामकता नजर नहीं आई। मध्य और अंतिम ओवरों में भारतीय स्पिनरों ने शिकंजा कस दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते गए और पाकिस्तान की पूरी टीम 46.2 ओवर में 194 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 58 रन से शानदार जीत दर्ज की।

कनिष्क चौहान: मैच के असली नायक

इस मुकाबले में कनिष्क चौहान का हरफनमौला प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ। पहले बल्ले से 35 रन की तेज पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और फिर गेंद से भी कमाल दिखाया। कनिष्क ने 10 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर एक अहम विकेट लिया और विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनकी किफायती गेंदबाजी ने पाकिस्तान की रन गति को नियंत्रित किया, जिससे लक्ष्य तक पहुंचना और मुश्किल हो गया। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें मैच का हीरो बना दिया।

स्पिनरों ने पलटा मैच

मैच के पहले हिस्से में पाकिस्तान की बल्लेबाजी मजबूत दिख रही थी, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, पिच पर स्पिन का असर बढ़ने लगा। भारतीय स्पिनरों ने इसका भरपूर फायदा उठाया। मध्य ओवरों में लगातार विकेट निकालकर उन्होंने पाकिस्तान की रन गति पर ब्रेक लगा दिया। इससे न सिर्फ दबाव बढ़ा, बल्कि नेट रन रेट के समीकरण भी पाकिस्तान के हाथ से निकल गए।

कप्तान आयुष म्हात्रे का बयान

मैच के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच के ओवरों में गेंद स्पिन होने लगी। कनिष्क ने शानदार बल्लेबाजी की। वेदांत ने नेट्स में अच्छी तैयारी की थी, इसलिए मुझे उन पर भरोसा था। खिलाड़ियों ने बेहतरीन योगदान दिया।” उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान ने पहले 25 ओवरों में अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन उसके बाद हमारे स्पिनरों ने शानदार प्रदर्शन किया। हम एक समय में एक मैच पर ध्यान दे रहे हैं। अब हमारा लक्ष्य फाइनल जीतना है।”

एशिया कप की हार का बदला

यह जीत भारतीय टीम के लिए खास मायने रखती है। पिछले साल दिसंबर में एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को हराया था। ऐसे में इस मुकाबले को युवा खिलाड़ियों ने बदले की भावना से नहीं, बल्कि पेशेवर अंदाज में खेलते हुए शानदार प्रदर्शन से जीत में बदला।

भारत की नजर अब खिताब पर


सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला अफगानिस्तान से होगा, जिसने टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम का आत्मविश्वास इस जीत से निश्चित रूप से बढ़ा है। दूसरी ओर, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला सेमीफाइनल भी रोमांचक रहने की उम्मीद है। भारत की नजर अब खिताब पर है। टीम ने संतुलित बल्लेबाजी, प्रभावी स्पिन आक्रमण और मजबूत फील्डिंग के दम पर यह दिखा दिया है कि वह ट्रॉफी की प्रबल दावेदार है।

सबकी निगाहें सेमीफाइनल पर


जहां एक ओर सीनियर स्तर पर भारत-पाक मुकाबले को लेकर विवाद और बहिष्कार की खबरें सुर्खियों में हैं, वहीं जूनियर स्तर पर भारतीय टीम ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब दिया है। 58 रन की यह जीत सिर्फ एक मुकाबले की सफलता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, रणनीति और टीमवर्क की मिसाल है। अब सबकी निगाहें सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां युवा भारतीय टीम खिताबी अभियान को आगे बढ़ाने के इरादे से उतरेगी।

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