नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज ने भारतीय टीम को न केवल आत्मविश्वास दिया, बल्कि संभावित विश्व कप संयोजन की स्पष्ट तस्वीर भी सामने रख दी। शनिवार को खेले गए पांचवें और अंतिम मुकाबले में भारत की आक्रामक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी ने यह संकेत दे दिया कि टीम प्रबंधन बड़े टूर्नामेंट के लिए अपनी रणनीति तय कर चुका है।
आक्रामक शुरुआत, कप्तान की सराहना
पांचवें टी-20 के पहले ओवर में ही भारतीय बल्लेबाजों ने अपने इरादे साफ कर दिए। तीसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा ने तेज गेंदबाज जैकब डफी को छक्का जड़ा, जिसे डगआउट से कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सिर हिलाकर सराहा। कुछ ही देर बाद ईशान किशन ने काइल जैमीसन की उछाल भरी गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर से छह रन के लिए भेजा। सूर्यकुमार एक बार फिर उनकी तारीफ में सिर हिलाते नजर आए। यह दृश्य इस बात का संकेत था कि टीम आक्रामक और निडर क्रिकेट के साथ विश्व कप में उतरने को तैयार है।
शीर्ष क्रम में आत्मविश्वास, रणनीति स्पष्ट
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से भारत को अपने शीर्ष क्रम का मजबूत खाका मिल गया है। अभिषेक शर्मा, इशान किशन और सूर्यकुमार यादव तीनों बल्लेबाज शानदार लय में दिखे। इनमें सबसे प्रेरक कहानी इशान किशन की रही। एक साल पहले तक उनके पास बीसीसीआइ का केंद्रीय अनुबंध भी नहीं था। आलोचनाओं और अनिश्चितता के दौर से गुजरने के बाद उन्होंने दमदार वापसी की है। इस सीरीज में उन्होंने चार मैचों में 231.18 के स्ट्राइक रेट से 215 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर किशन ने विश्व कप में विकेटकीपर बल्लेबाज की दौड़ में संजू सैमसन को पीछे छोड़ दिया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को तेज शुरुआत दी और मध्य क्रम का दबाव कम किया।
कप्तान का भरोसा और भूमिका में बदलाव
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इशान की भूमिका को लेकर स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा, “हम जानते थे कि इशान क्या खास कर सकता है। घरेलू क्रिकेट में उसके प्रदर्शन से हम सभी वाकिफ थे। हम चाहते थे कि वह अपने नैसर्गिक अंदाज में खेले और अपनी पहचान न बदले।” सूर्य ने यह भी बताया कि घरेलू क्रिकेट में ओपनिंग करने वाले किशन को यहां तीसरे नंबर पर मौका दिया गया ताकि वह मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी बन सकें और उन्होंने ऐसा करके दिखाया। हालांकि कप्तान के बयान से यह भी संकेत मिला कि विश्व कप में अभिषेक शर्मा के साथ इशान किशन पारी की शुरुआत कर सकते हैं, जिससे टीम को बाएं-दाएं संयोजन और तेज शुरुआत दोनों का लाभ मिलेगा।
मध्य क्रम को मिला खुलकर खेलने का मौकाशीर्ष क्रम की तेज बल्लेबाजी का सीधा फायदा मध्य क्रम को मिला। पांचवें टी-20 में जब हार्दिक पांड्या बल्लेबाजी के लिए उतरे, तब तक मजबूत नींव तैयार हो चुकी थी। हार्दिक ने 17 गेंदों में 42 रन की तूफानी पारी खेली, लेकिन इसमें अनावश्यक जोखिम नहीं उठाया। वह अधिक स्वच्छंद और आत्मविश्वास से भरे नजर आए। इशान द्वारा टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला शतक जड़ने से टीम का स्कोर इतना मजबूत हो गया था कि हार्दिक को दबाव में आक्रामकता दिखाने की जरूरत नहीं पड़ी। शीर्ष क्रम के रन बनाने से सूर्यकुमार, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों पर दबाव कम हुआ है,जो विश्व कप जैसे बड़े मंच पर निर्णायक साबित हो सकता है।
सूर्यकुमार की फॉर्म में वापसी
सूर्यकुमार यादव की फॉर्म में वापसी भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत है। मुंबई के इस बल्लेबाज ने सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 196.74 रहा और उन्होंने तीन अर्धशतक जड़े। उन्होंने कहा,“बस इतना था कि मैं रन नहीं बना पा रहा था। लेकिन मैं मानसिक रूप से बहुत सकारात्मक हूं और टीम के माहौल से खुश हूं।” उनकी लय में वापसी ने भारत की बल्लेबाजी को नई धार दी है। सूर्य की 360-डिग्री बल्लेबाजी विपक्षी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
गेंदबाजी में भी मजबूती
केवल बल्लेबाजी ही नहीं, गेंदबाजी में भी भारत ने सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया। अर्शदीप सिंह ने आठ विकेट लेकर खुद को प्रमुख तेज गेंदबाज के रूप में स्थापित किया। सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री वाले मैदानों पर यह उपलब्धि मामूली नहीं मानी जाएगी। हालांकि जसप्रीत बुमराह के लिए पांचवां मैच अच्छा नहीं रहा और उन्होंने चार ओवर में 58 रन खर्च किए, लेकिन अर्शदीप ने पांच विकेट लेकर यह दिखा दिया कि वह बड़े टूर्नामेंट में बुमराह के सच्चे साथी बनने को तैयार हैं।
विश्व कप से पहले सकारात्मक संकेत
न्यूजीलैंड सीरीज ने भारतीय टीम को कई सकारात्मक संकेत दिए हैं— आक्रामक और आत्मविश्वासी शीर्ष क्रम, संतुलित मध्य क्रम, तेज गेंदबाजी में विकल्प!
कप्तान की स्पष्ट रणनीति
टी-20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू हो रहा है और भारत इस टूर्नामेंट में नई ऊर्जा के साथ उतरने को तैयार दिख रहा है। सीरीज के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि टीम केवल प्रतिभा पर नहीं, बल्कि स्पष्ट योजना और भूमिकाओं के साथ आगे बढ़ रही है। अब चुनौती इस लय को विश्व कप के मंच पर बरकरार रखने की होगी।