बहिष्कार की अटकलों पर विराम, T-20 विश्व कप में खेलेगा पाकिस्तान, कोलंबो रवाना होने की तारीख तय

दरअसल, टी-20 विश्व कप से बांग्लादेश को बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किए जाने के बाद से ही पीसीबी की नाराजगी सामने आई थी। इसी फैसले के बाद बोर्ड के कुछ बयानों और अंदरूनी चर्चाओं ने यह संकेत दिया था कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने या भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने पर विचार कर सकता है।

Update: 2026-01-29 21:13 GMT

लाहौर। अगले महीने से शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम की भागीदारी पर बना असमंजस अब लगभग खत्म हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय टीम दो फरवरी को कोलंबो के लिए रवाना होगी। इसके साथ ही टूर्नामेंट या भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। पीसीबी द्वारा टीम के यात्रा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान टी-20 विश्व कप में हिस्सा लेगा और अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगा।

बहिष्कार की अटकलें क्यों लगी थीं?

दरअसल, टी-20 विश्व कप से बांग्लादेश को बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किए जाने के बाद से ही पीसीबी की नाराजगी सामने आई थी। इसी फैसले के बाद बोर्ड के कुछ बयानों और अंदरूनी चर्चाओं ने यह संकेत दिया था कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने या भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने पर विचार कर सकता है। इन अटकलों को तब और बल मिला, जब पीसीबी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की ‘सुरक्षा चिंताओं’ का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया और कहा कि वह इस मुद्दे पर उनके साथ खड़ा है। हालांकि, अब साफ हो गया है कि यह समर्थन केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित था।

श्रीलंका में होंगे पाकिस्तान के सभी मैच

पीसीबी सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का पूरा विश्व कप कार्यक्रम श्रीलंका में ही तय किया गया है। इसमें सबसे अहम मुकाबला 15 फरवरी को भारत के खिलाफ खेला जाना है, जो कोलंबो में होगा। सूत्रों ने बताया कि यदि पाकिस्तान टीम फाइनल तक का सफर तय करती है, तो फाइनल मैच भी श्रीलंका में ही खेला जाएगा। ऐसे में टूर्नामेंट या किसी एक मैच के बहिष्कार का सवाल ही नहीं उठता। एक वरिष्ठ पीसीबी अधिकारी ने कहा, “जब पाकिस्तान के सभी मैच, यहां तक कि संभावित फाइनल भी, तटस्थ स्थल पर खेले जाने हैं, तो फिर बहिष्कार किस आधार पर किया जाएगा?”

आईसीसी समझौता बना बड़ा आधार

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों को लेकर पहले से ही एक त्रिपक्षीय समझौता मौजूद है, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) शामिल हैं। इस समझौते के तहत यह तय किया गया है कि 2027 तक आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान के सभी मुकाबले तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे। यही वजह है कि भारत सरकार ने भले ही अपनी टीम को पाकिस्तान जाकर खेलने की अनुमति नहीं दी हो, लेकिन तटस्थ स्थल पर भारत-पाकिस्तान मैच खेलने पर कोई रोक नहीं है। पीसीबी सूत्रों का कहना है कि इस समझौते की मौजूदगी में किसी भी तरह का बहिष्कार आईसीसी में पाकिस्तान की स्थिति को कमजोर कर सकता था, जिसे बोर्ड किसी भी हाल में नहीं चाहता।

पीसीबी की रणनीति: रिश्ते भी बचें, क्रिकेट भी

सूत्रों ने बताया कि पीसीबी ने भारत में खेलने को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की सुरक्षा चिंताओं पर नैतिक समर्थन जरूर जताया, लेकिन वह इससे आगे नहीं जा सकता था। एक सूत्र ने कहा, “पीसीबी को यह भी देखना था कि उसका कोई भी फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के भविष्य को नुकसान न पहुंचाए। आईसीसी और अन्य सदस्य बोर्डों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”

प्रधानमंत्री से मुलाकात में भी साफ संकेत

पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की हालिया प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात को भी इन अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, बोर्ड के करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में टूर्नामेंट से हटने जैसी किसी भी संभावना पर चर्चा नहीं हुई। सूत्र के अनुसार, “पीसीबी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को साफ तौर पर बताया कि सभी फैसले पाकिस्तान क्रिकेट के स्थिर, मजबूत और दीर्घकालिक भविष्य को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आईसीसी और अन्य क्रिकेट बोर्डों के साथ रिश्ते खराब न हों।”

मीडिया रिपोर्ट्स को बताया गया अफवाह

पाकिस्तान मीडिया के कुछ हिस्सों में यह खबरें चल रही थीं कि पाकिस्तान या तो टी-20 विश्व कप से हट सकता है या भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर सकता है। पीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन खबरों को “बेबुनियाद और तर्कहीन” बताते हुए कहा, “कोई यह नहीं बता पा रहा था कि पीसीबी किस नियम या आधार पर विश्व कप छोड़ सकता है। ये महज अफवाहें थीं।”

खेल को राजनीति से अलग रखने की दलील

सूत्रों ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान सरकार स्वयं कई बार यह कह चुकी है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। ऐसे में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर गलत संदेश देता, बल्कि पाकिस्तान के अपने रुख के भी खिलाफ होता। भारत सरकार ने भले ही द्विपक्षीय या पाकिस्तान में होने वाले आयोजनों में खेलने की अनुमति न दी हो, लेकिन आईसीसी और एशिया कप जैसे बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में तटस्थ स्थल पर खेलने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।

आज औपचारिक घोषणा संभव

पीसीबी सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड शुक्रवार को पाकिस्तान की टी-20 विश्व कप में भागीदारी की औपचारिक पुष्टि कर सकता है। इसके बाद सभी तरह की अटकलों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।

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