चिटफंड घोटाला में घिरे गृहमंत्री,जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने किया बर्हिगर्मन
रायपुर ! प्रदेश में चिटफंड कंपनियों द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला गुरूवार को विधानसभा में फिर गूंजा। गृहमंत्री रामसेवक पैकरा विपक्ष के सवालों से घिर गए।
रायपुर ! प्रदेश में चिटफंड कंपनियों द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला गुरूवार को विधानसभा में फिर गूंजा। गृहमंत्री रामसेवक पैकरा विपक्ष के सवालों से घिर गए। निवेशकों की राशि वापस दिलाने के मामले में गृहमंत्री ने कोई ठोस उत्तर नहीं दिया। वे इसे न्यायायलीन मामला बताकर गोलमोल जवाब देते रहे। उनके जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस सदस्यों ने विरोध स्वरूप बर्हिगर्मन कर दिया।
प्रश्नकाल में यह मामला कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन ने उठाया था। उन्होंने कहा 111 चिटफंड कंपनियों ने निवेशकों से दस हजार करोड़ रूपए की वसूली की है अभी तक 25 लोग आत्महत्या कर चुके है, मालिकों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। मालिकों की संपत्ति कुर्क कर वसूली करने का उन्होंने सुझाव दिया। गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने मूल प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कंपनी के 124 डायरेक्टर, 59 पदाधिकारी व 192 एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय के दिशा निर्देश के अनुसार पैसों की वसूली होगी। पूरक प्रश्नों की झड़ी लगाते हुए श्री देवांगन ने कहा कि 3 वर्षों से इस मामले को उठा रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में 10 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, सत्तापक्ष से जुड़े मंत्री व नेता चिटफंड कंपनी के कार्यालयों का उदघाटन करते थे। इसलिए पैसा वापस कराने की जिम्मेदारी भी उनकी होनी चाहिए।
श्री देवांगन ने कहा गृहमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल सेल गठित करने घोषण की थी। स्पेशल सेल ने अब तक क्या कार्रवाई की है। भूपेश बघेल ने कहा पल्र्स ग्रीन व सांई प्रसाद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है लेकिन केवल एजेंटों को गिरफ्तार किया जा रहा है। गृहमंत्री श्री पैकरा ने फिर न्यायालयीन प्रक्रिया का हवाला दिया। श्री बघेल ने कहा इस मामले में एक वर्ष पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है लेकिन अभी तक राज्य सरकार पालन क्यों नहीं कर रही है, आखिर वसूली की कार्रवाई कब तक की जाएगी। गृहमंत्री ने इसे न्यायालयीन प्रक्रिया बताते हुए कहा पीडि़त निवेशकों को राशि कब तक लौटाई जाएगी यह बताना संभव नहीं है, यह मामला न्यायालय के अधिकारी क्षेत्र में आता है अनियमित वित्तीय कार्य करने वाली कंपनियों के खिलाफ शासन द्वारा विशेष कार्य योजना बनाई गई है। हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 नियम 2015 लागू है। इस पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा आम नागरिकों मेें जागरूकता लाने कार्य किया जा रहा है, गृहमंत्री के जवाब से कांग्रेस के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। विरोध स्वरूप वे बर्हिगर्मन कर गए।