यह मामला वेस्ट लंदन के हाउंस्लो शहर से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डेविड आथर्टन नामक यूज़र ने इस प्रकरण से जुड़े वीडियो और पोस्ट साझा किए, जिनमें दावा किया गया कि जिस फ्लैट में लड़की को रखा गया था, वहां एक सिख युवक भी रहता है। उसी युवक ने पहली बार संदिग्ध गतिविधि देखी और मामले को सामने लाने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर किए गए दावों के अनुसार, आरोपी युवक लड़की को सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक फ्लैट में रखता था। आरोप है कि उसने यौन शोषण के लिए 5–6 अन्य लोगों को भी बुलाया, जिन्होंने बारी-बारी से लड़की के साथ दुष्कर्म किया। ये आरोप जांच का विषय हैं।
सिख युवक ने बताया कि उसने लड़की को रिहा कराने के लिए पहले पुलिस से संपर्क किया, लेकिन तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अपने समुदाय के लोगों को जानकारी दी। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग फ्लैट के बाहर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जैसे-जैसे घटना की जानकारी फैली, फ्लैट के बाहर भीड़ बढ़ती गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही घंटों में 200 से अधिक लोग मौके पर जमा हो गए। कई घंटे तक प्रदर्शन और दबाव के बाद आखिरकार लड़की को फ्लैट से बाहर निकाला गया।
सिख युवक के अनुसार, रिहाई के बाद लड़की ने बताया कि उसे अगवा कर फ्लैट में लाया गया था। आरोपी और उसके साथियों ने उसका बार-बार यौन शोषण किया। जब उसने भागने की कोशिश की तो उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और धमकाया गया कि बिना अनुमति बाहर नहीं जा सकती।
सिख समुदाय के लोगों का आरोप है कि वेस्ट लंदन में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां नाबालिग लड़कियों को प्रेम, दोस्ती और शादी का झांसा देकर फंसाया जाता है। उनका दावा है कि शिकायतों के बावजूद कई मामलों में कार्रवाई धीमी या अपर्याप्त रहती है।
समुदाय के सदस्यों के मुताबिक, कथित ग्रूमिंग गैंग 11 से 16 वर्ष की लड़कियों को निशाना बनाते हैं। वे गरीब या सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों की बच्चियों को चुनते हैं, खासकर वे जो स्कूल से अनुपस्थित रहती हैं या सोशल मीडिया पर अकेली दिखती हैं।
आरोप है कि ऐसे गैंग पहले उपहार, पैसे और भावनात्मक सहारे का लालच देते हैं। बाद में शोषण शुरू कर देते हैं और लड़की को परिवार व दोस्तों से अलग कर देते हैं। विरोध करने पर ब्लैकमेल और धमकियों का सहारा लिया जाता है।
कथित तौर पर जब पीड़िताएं पूरी तरह नियंत्रण में आ जाती हैं तो उन्हें फ्लैटों या होटलों में भेजा जाता है। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ब्रिटेन में ऐसे मामलों को लेकर हाल के वर्षों में चिंता बढ़ी है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर व्यापक बहस चल रही है। इससे पहले अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क ने भी ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग मामलों को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने कहा है कि नाबालिग से जुड़े आरोपों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाता है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है और उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने दें।