अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर किया भीषण हमला, 17 पाकिस्तानी चौकियों पर किया कब्जा, 40 सैनिक मारे

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जवाबी हमले सीमा से लगे पांच प्रांतों में चलाए गए। मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तानी सेना की 17 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है और 40 सैनिक मारे गए हैं। इनमें से 13 शव अफगानिस्तान ले जाए जाने का भी दावा किया गया है।

Update: 2026-02-26 21:26 GMT
काबुल/इस्‍लामाबाद : Afghanistan Attack On Pakistan: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर तनाव एक बार फिर हिंसक झड़पों में बदल गया है। गुरुवार को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के जवाब में व्यापक सैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सेना की 17 चौकियों पर कब्जा कर लिया और 40 सैनिकों को मार गिराया। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी किसी भी चौकी पर कब्जा नहीं हुआ और उसने “प्रभावी जवाबी कार्रवाई” की है। दोनों पक्षों के दावों और प्रतिदावों के बीच सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

अफगानिस्तान का दावा

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जवाबी हमले सीमा से लगे पांच प्रांतों में चलाए गए। मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तानी सेना की 17 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है और 40 सैनिक मारे गए हैं। इनमें से 13 शव अफगानिस्तान ले जाए जाने का भी दावा किया गया है।

तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह अभियान “पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार की गई उकसावे और उल्लंघनों” के जवाब में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि डूरंड लाइन के साथ पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है और कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़ा गया है।

मुजाहिद ने विशेष रूप से कुनार क्षेत्र में लगभग 40 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान काबुल या अन्य प्रमुख शहरों पर हमला करता है, तो अफगानिस्तान भी उसके “महत्वपूर्ण केंद्रों” को निशाना बनाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान प्रशासन संघर्ष को बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उकसावे का जवाब दिया जाएगा।

कतर और तुर्की की मध्यस्थता से हुए शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन ये प्रयास किसी स्थायी समझौते तक पहुंचने में विफल रहे. सऊदी अरब ने इस महीने हस्तक्षेप करते हुए अक्टूबर में अफगानिस्तान द्वारा बंदी बनाए गए तीन पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई में मध्यस्थता की थी।

पाकिस्तान का पलटवार

पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने अफगान दावों को खारिज करते हुए कहा कि अफगान बलों की गोलीबारी में 22 तालिबान कर्मी मारे गए हैं और कई हेलीकॉप्टर गिराए गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने कहा कि रात 11:20 बजे तक किसी भी पाकिस्तानी चौकी पर कब्जा नहीं हुआ था। इस्लामाबाद में सूचना मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सीमा पर अफगान बलों की “बिना उकसावे वाली गोलीबारी” का पाकिस्तान ने जवाब दिया है। मंत्रालय के अनुसार, तालिबान बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कई सेक्टरों में चौकियों पर गोलीबारी की, जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने दो घंटे से अधिक समय तक चली झड़प में जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने सीमा पार स्थित कुछ चौकियों को नष्ट कर दिया है।

हवाई हमलों से शुरू हुआ ताजा टकराव

तनाव की शुरुआत रविवार रात पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा के भीतर सात स्थानों पर किए गए हवाई हमलों से हुई थी। पाकिस्तान ने दावा किया था कि इन हमलों में 70 आतंकवादी मारे गए। हालांकि अफगानिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि हमलों में आतंकियों की नहीं, बल्कि कई नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसी के बाद से दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पिछले साल अक्टूबर में भी अफगान क्षेत्र में हवाई हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष छिड़ गया था। बाद में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से तनाव कम हुआ था।

डूरंड लाइन: विवाद की जड़

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन कहा जाता है। यह सीमा ब्रिटिश काल में निर्धारित की गई थी, लेकिन अफगानिस्तान ने इसे औपचारिक रूप से कभी मान्यता नहीं दी। सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद और अविश्वास बना हुआ है। सीमा पार आतंकी गतिविधियों और शरण लेने के आरोपों ने हाल के वर्षों में संबंधों को और जटिल बना दिया है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान क्षेत्र से उसके खिलाफ हमले होते हैं, जबकि अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करता है।

सोशल मीडिया पर वीडियो, सत्यापन नहीं

झड़पों के बीच दोनों पक्षों ने वीडियो फुटेज भी साझा किए हैं। अफगान सुरक्षा बलों द्वारा जारी वीडियो में पहाड़ी इलाकों में रात के समय सैन्य वाहन चलते दिखाई दे रहे हैं और पृष्ठभूमि में स्वचालित हथियारों की आवाज सुनाई देती है। वहीं पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों द्वारा जारी फुटेज में भी बंजर पहाड़ी क्षेत्रों में गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

भारत के बयान पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम के बीच भारत का बयान भी कूटनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। पाकिस्तान के हमलों के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि नागरिक ठिकानों पर हमलों में बेगुनाहों की हत्या निंदनीय है। उन्होंने इसे पाकिस्तान द्वारा अपनी “आंतरिक विफलताओं का दोष दूसरों पर डालने का प्रयास” बताया और अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के समर्थन की बात कही।

प्रेट्र के अनुसार, भारत के इस बयान से पाकिस्तान असंतुष्ट नजर आया। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ताहिर आंद्राबी ने कहा कि हमले सात आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे। उन्होंने बिना साक्ष्य भारत पर पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप भी लगाया। साथ ही यह भी कहा कि फिलहाल पाकिस्तान अफगान तालिबान के साथ किसी संवाद में शामिल नहीं है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

लगातार बढ़ता यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी हुई है, क्योंकि यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता को जन्म दे सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम होगा या सीमा पर झड़पें और तेज होंगी।

Tags:    

Similar News