वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिकी पत्रकार ने ट्रंप को किया फोन, जानें क्या मिला जवाब?

ट्रंप के इस दावे के ठीक दस मिनट बाद न्यूयॉर्क टाइम्स के व्हाइट हाउस संवाददाता टायलर पेजर ने राष्ट्रपति को सीधे फोन करने का फैसला किया। पेजर ने बिना किसी पूर्व सूचना के ट्रंप के मोबाइल नंबर पर कॉल किया।

Update: 2026-01-05 07:51 GMT
वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तड़के एक सनसनीखेज घोषणा कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी। सुबह 4:21 बजे इंटरनेट मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया है। यह बयान ऐसे समय आया, जब वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और काराकास में धमाकों की खबरें पहले से ही चर्चा में थीं।

न्यूयॉर्क टाइम्स रिपोर्टर की अचानक कॉल
ट्रंप के इस दावे के ठीक दस मिनट बाद न्यूयॉर्क टाइम्स के व्हाइट हाउस संवाददाता टायलर पेजर ने राष्ट्रपति को सीधे फोन करने का फैसला किया। पेजर ने बिना किसी पूर्व सूचना के ट्रंप के मोबाइल नंबर पर कॉल किया। तीन घंटी बजने के बाद राष्ट्रपति ने फोन उठा लिया और दोनों के बीच संक्षिप्त बातचीत शुरू हुई। पेजर के मुताबिक, फोन रखने से पहले उन्हें महज 50 सेकंड मिले, जिनमें उन्होंने राष्ट्रपति से चार अहम सवाल पूछे। यह बातचीत बाद में दिन की सबसे चर्चित पत्रकार घटनाओं में शामिल हो गई।

सुबह 9:45 बजे मार-ए-लागो पहुंचे पेजर
ट्रंप की निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले टायलर पेजर सुबह 9:45 बजे फ्लोरिडा स्थित राष्ट्रपति के निजी क्लब और आवास मार-ए-लागो पहुंच गए। यहां उन्हें प्रेस ब्रीफिंग से पहले सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा। पेजर ने बताया कि सुबह की फोन कॉल और उसके बाद तेजी से बदली घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि मामला कितना संवेदनशील और असाधारण था।




 


वेनेजुएला में हमले की सूचना कैसे मिली
टायलर पेजर ने पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि भी साझा की। उनके अनुसार, शनिवार तड़के करीब एक बजे उनकी नींद खुली, जब वेनेजुएला में मौजूद न्यूयॉर्क टाइम्स के सहयोगी पत्रकार अनातोली कुरमनायेव ने एक संदेश भेजा। संदेश में बताया गया था कि काराकास में बमबारी हुई है। इसके बाद पेजर ने तुरंत सूत्रों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश शुरू की कि वेनेजुएला में वास्तव में क्या हो रहा है।

ऑपरेशन जारी होने से अधिकारी रहे सतर्क
पेजर के अनुसार, चूंकि अमेरिकी ऑपरेशन उस समय जारी था, इसलिए व्हाइट हाउस और सरकारी अधिकारी किसी भी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से बच रहे थे। उनका मानना था कि समय से पहले कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से मिशन खतरे में पड़ सकता है। यही वजह रही कि शुरुआती घंटों में प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया और स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी रही।

राष्ट्रपति के फोन उठाने पर क्यों नहीं हुई हैरानी
पेजर ने बताया कि उन्हें इस बात पर ज्यादा हैरानी नहीं हुई कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उनका फोन उठा लिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप की फोन पर बातचीत की आदतें जगजाहिर हैं। ट्रंप अक्सर पत्रकारों, सांसदों और यहां तक कि विदेशी नेताओं के फोन भी उठा लेते हैं। यह उनका लंबे समय से चला आ रहा तरीका है, जो उन्हें अपने पूर्ववर्तियों से अलग बनाता है।

कॉल से पहले संपादकों से की सलाह
टायलर पेजर ने बताया कि राष्ट्रपति को फोन करने से पहले उन्होंने वाशिंगटन ब्यूरो प्रमुख डिक स्टीवेन्सन, सैन्य मामलों के विशेषज्ञ एरिक श्मिट और खुफिया मामलों को कवर करने वाले जूलियन बार्न्स से चर्चा की। इन चर्चाओं के बाद सवालों की एक सूची तैयार की गई, ताकि कम समय में सबसे अहम मुद्दों पर जवाब हासिल किया जा सके।

50 सेकंड में चार सवाल

संक्षिप्त बातचीत के दौरान पेजर ने राष्ट्रपति से चार सवाल पूछे। इनमें दो सबसे अहम सवाल थे—

- क्या इस मिशन के लिए कांग्रेस से अनुमति ली गई थी?

- वेनेजुएला को लेकर अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?
हालांकि, ट्रंप ने इन सवालों का कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने पेजर से कहा कि कुछ घंटों बाद होने वाली उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी जाए।

ट्रंप की अलग शैली फिर चर्चा में
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की असामान्य और सुलभ शैली को सामने लाता है। न्यूयॉर्क में रियल एस्टेट डेवलपर के दौर से ही ट्रंप पत्रकारों से सीधे बातचीत करते आए हैं। उनकी यह आदत सीधे फोन उठाना और मीडिया से तत्काल संवाद करना अमेरिकी राष्ट्रपति पद की पारंपरिक कार्यशैली से अलग मानी जाती है। वेनेजुएला संकट के बीच यह शैली एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गई है।

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