ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% किया:24 घंटे में दो बार नए टैरिफ लगाए, सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ रद्द किए थे

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “बेहद खराब तरीके से लिखा गया” और अमेरिका के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि उनका नया कदम पूरी तरह कानूनी और परखा हुआ है।

Update: 2026-02-22 02:55 GMT
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके वैश्विक टैरिफ आदेश को रद्द किए जाने के बाद बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने एक नए आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए दुनियाभर के देशों पर लगाए गए 10 प्रतिशत टैरिफ को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। यह नया टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और फिलहाल 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “बेहद खराब तरीके से लिखा गया” और अमेरिका के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि उनका नया कदम पूरी तरह कानूनी और परखा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने IEEPA के इस्तेमाल को बताया अवैध

दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। अदालत ने कहा कि इस कानून का इस्तेमाल कर व्यापक वैश्विक टैरिफ लगाना राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह शक्ति कांग्रेस (संसद) के पास है। फैसले के बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्हें संसद की आवश्यकता नहीं है और वे राष्ट्रपति को मिले अधिकारों के तहत टैरिफ लागू कर सकते हैं।

सेक्शन 122 के तहत नया कदम

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने ट्रेड एक्ट ऑफ 1974 के सेक्शन 122 का सहारा लिया। यह प्रावधान राष्ट्रपति को आपात आर्थिक परिस्थितियों या अचानक व्यापार घाटे की स्थिति में अस्थायी रूप से आयात पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। सेक्शन 122 के तहत अधिकतम 15 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है और यह 150 दिनों तक प्रभावी रहता है। इसके बाद यदि इसे जारी रखना हो तो कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होती है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नया 15 प्रतिशत टैरिफ पहले वाले आदेश की जगह लेगा और सरकार व्यापार घाटे को कम करने के उद्देश्य से राजस्व बढ़ाने की कोशिश जारी रखेगी।

24 फरवरी से लागू होगा नया टैरिफ

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार 15 प्रतिशत का यह वैश्विक टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा। इससे पहले 10 प्रतिशत टैरिफ प्रभावी था। NBC न्यूज के मुताबिक, सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर एक समान 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने का मतलब यह भी हो सकता है कि जिन देशों पर पहले से अधिक दर लागू थी, उनके लिए दरें समायोजित होंगी। हालांकि कुछ उत्पादों को इस नए टैरिफ से छूट दी गई है। इनमें कुछ कृषि उत्पाद जैसे बीफ, टमाटर और संतरा, महत्वपूर्ण खनिज, दवाइयां, कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान और पैसेंजर वाहन शामिल हैं।

ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन घंटे बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कई तीखे बयान दिए। उनकी प्रमुख बातें इस प्रकार रहीं:

-उन्होंने कहा कि रद्द किए गए टैरिफ लागू करने के लिए उन्हें संसद की जरूरत नहीं है और वे राष्ट्रपति के अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
-सुप्रीम कोर्ट ने रिफंड को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया है, इसलिए सरकार कंपनियों से वसूले गए टैरिफ की राशि वापस नहीं करेगी।
-उन्होंने फैसले को “घटिया” बताया और कहा कि मामला अगले कई वर्षों तक अदालतों में चल सकता है।
-ट्रंप ने आरोप लगाया कि फैसले पर विदेशी ताकतों का प्रभाव हो सकता है और यदि टैरिफ नहीं लगाए गए तो विदेशी देश अमेरिकी उद्योगों से आगे निकल जाएंगे।
-उन्होंने कहा कि यह कदम पहले के राष्ट्रपतियों को बहुत पहले उठा लेना चाहिए था, जिन्होंने अमेरिका को कमजोर होने दिया।

भारत के साथ व्यापार समझौते पर टिप्पणी

ट्रंप ने भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके “अच्छे दोस्त” हैं। इस बयान से संकेत मिलता है कि भारत के साथ चल रही वार्ताओं पर फिलहाल नए टैरिफ का प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा, हालांकि व्यापक वैश्विक टैरिफ व्यवस्था का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ का हवाला

अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि यह कदम “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” की प्रक्रिया को और मजबूत करेगा। उनका दावा है कि कई देश दशकों से अमेरिका के साथ व्यापार में असंतुलन का फायदा उठाते रहे हैं और यह टैरिफ उस स्थिति को सुधारने की दिशा में कदम है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में प्रशासन नए और कानूनी रूप से उचित टैरिफ ढांचे को तैयार करेगा और लागू करेगा।

संभावित असर और आगे की राह

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। आयात लागत बढ़ने से अमेरिकी बाजार में कीमतों पर असर संभव है, जबकि निर्यातक देशों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है। सेक्शन 122 के तहत लगाया गया टैरिफ अस्थायी है और 150 दिनों के भीतर इसकी समीक्षा की जाएगी। यदि इसे आगे जारी रखना है तो कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होगी। इस बीच, कानूनी चुनौतियां भी जारी रह सकती हैं।

सेक्शन 122 के तहत नया रास्ता

सुप्रीम कोर्ट द्वारा IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत नया रास्ता अपनाते हुए 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम अमेरिका की व्यापार नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह अस्थायी टैरिफ स्थायी नीति का रूप लेता है या कांग्रेस और अदालतों में इसकी दिशा बदलती है। फिलहाल, 24 फरवरी से वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

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