सिंगापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों सिंगापुर के दौरे पर हैं। दौरे के पहले दिन सोमवार को उन्होंने कई प्रमुख विदेशी निवेशकों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक सहयोग और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि वैश्विक पूंजी को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ना और प्रदेश को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना।
टेमासेक होल्डिंग्स के चेयरमैन से अहम बैठक
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर की अग्रणी निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स (Temasek Holdings) के चेयरमैन टियो ची हीन (Teo Chee Hean) और उनकी टीम से मुलाकात की। बैठक में टेमासेक के वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो और उत्तर प्रदेश में संभावित निवेश अवसरों पर गहन चर्चा हुई। सीएम योगी ने टेमासेक को उत्तर प्रदेश में अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवाओं, वेयरहाउसिंग, फिनटेक आधारित शहरी विकास और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग और निवेश-अनुकूल वातावरण का भरोसा भी दिलाया।
स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश की जानकारी
बैठक के दौरान टेमासेक की पोर्टफोलियो कंपनी मनिपाल हॉस्पिटल्स (Manipal Hospitals) द्वारा गाजियाबाद में लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना की जानकारी साझा की गई। इस निवेश से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार की उम्मीद है। इसी तरह असेंडास (Ascendas) द्वारा उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास के लिए करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी भी सामने आई। यह निवेश औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करने और सप्लाई चेन नेटवर्क को बेहतर बनाने में सहायक माना जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों निवेशों से प्रदेश में स्वास्थ्य और औद्योगिक ढांचे को नई गति मिलेगी तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
डेटा सेंटर और कौशल विकास पर सहमति
बैठक में दोनों पक्षों ने डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति व्यक्त की। उत्तर प्रदेश पहले ही डेटा सेंटर नीति के तहत बड़े निवेश आकर्षित कर चुका है और इसे देश के प्रमुख डेटा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ राज्य की तकनीकी क्षमता में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार का मानना है कि भविष्य उन्मुख अवसंरचना के निर्माण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में ये क्षेत्र अहम भूमिका निभाएंगे।
निवेशकों के सामने यूपी की ताकतों का प्रस्तुतीकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों के समक्ष उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क की जानकारी दी। उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स हब और डेटा सेंटर नीति जैसे प्रमुख पहलों का भी उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत पारदर्शी, त्वरित और निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रदेश में भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और बड़े उपभोक्ता बाजार की मौजूदगी निवेशकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र है।
दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उनका लक्ष्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उद्योगों के साथ स्थायी संबंध स्थापित करना है ताकि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और तकनीकी विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार नीतिगत स्थिरता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में हरसंभव सहयोग देगी।
वैश्विक निवेश आकर्षित करने की रणनीति
सिंगापुर दौरा राज्य की व्यापक निवेश प्रोत्साहन रणनीति का हिस्सा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इस समय यूरोप के दौरे पर हैं, जहां वे विभिन्न देशों के उद्योगपतियों और निवेशकों से मुलाकात कर रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य बहु-आयामी निवेश स्रोतों को जोड़ना और उत्तर प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करना है।
महत्वपूर्ण कदम
सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुई बैठकों को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और सामाजिक अवसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये निवेश योजनाएं तय समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सिंगापुर में हुई यह पहल उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।