विघटनकारी प्रौद्योगिकियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ आयोजन
जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में (आईईईई) यूपी अनुभाग के सहयोग से विघटनकारी प्रौद्योगिकियों पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ किया गया
ग्रेटर नोएडा। जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में (आईईईई) यूपी अनुभाग के सहयोग से विघटनकारी प्रौद्योगिकियों पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ किया गया।
उद्घाटन सत्र में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलपति प्रो. डीएस चैहान ने मुख्य अतिथि और मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज के प्रोफेसर एमएम गोरे एवं प्रोफेसर आशीष कुमार सिंह ने विशिष्ट अथिति के रूप में भाग लिया।
कॉलेज के निदेशक डॉ. मानस कुमार मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सम्मेलन में आईआईआईटी और एनआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों से शोध पत्र प्राप्त हुए, जो इसकी उच्च क्षमता और सफलता को दर्शाता है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता नुएवा एसीजा यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फिलीपींस के प्रोफेसर एलन पॉल एस्टेबन और इंदिरा गांधी महिला दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के डीन डॉ. अरुण शर्मा ने सम्मलेन में विघटनकारी प्रौद्योगिकियों पर विस्तार से चर्चा की।
दिन के दूसरे सत्र में माइक्रोसॉफ्ट, जूम इंडिया, स्विगी और हार्नेस जैसी बड़ी कंपनियों के उद्योग विशेषज्ञों ने प्रौधिगिकी पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को अपने अनुभवों से अवगत कराया।
सम्मलेन में देश विदेश से आये शिक्षाविदों ने एआई, ब्लॉकचैन, एआरध्वीआर, थ्रीडी प्रिंटिंग और आईओटी सहित पांच विषय में कुल 827 शोध पत्र शामिल किये जिनमें से निर्णायक पैनल के द्वारा केवल 157 पत्रों को प्रस्तुति के लिए स्वीकार किया गया।