सरकार प्रवासियों की दुर्दशा देखे, उन्हें 7,500 रुपये दे : सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर प्रवासियों की दुर्दशा की अनदेखी करने का आरोप लगाया

Update: 2020-05-28 14:39 GMT

नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर प्रवासियों की दुर्दशा की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि वह देश के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को अगले छह महीने तक 7 हजार 500 रुपये प्रदान करे। सोनिया गांधी ने गरीब, प्रवासी, छोटे व्यापारियों व मध्य वर्ग की आवाज को केंद्र तक पहुंचाने के कांग्रेस के अभियान 'आवाज उठाओ' के तहत कहा, "पिछले दो महीने से पूरा देश कोरोना महामारी की चुनौती और लॉकडाउन के चलते रोजी-रोटी के गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।"

उन्होंने कहा, "देश की आजादी के बाद पहली बार दर्द का वो मंजर सबने देखा, जिसमें लाखों मजदूर नंगे पांव, भूखे-प्यासे, बगैर दवाई और साधन के सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल चल कर घर वापस जाने को मजबूर हो गए। उनके दर्द को देश में हर किसी ने सुना, पर शायद सरकार ने नहीं।"

LIVE: Congress President Smt. Sonia Gandhi's message to the people & the BJP govt. #SpeakUpIndia https://t.co/OqpYFaU6AD

— Congress (@INCIndia) May 28, 2020

उन्होंने कहा कि करोड़ों नौकरियां चली गईं, कई कारखाने बंद हो गए, किसानों को फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन सरकार इसका आकलन नहीं कर पाई।

रायबरेली से लोकसभा सांसद कांग्रेस नेता ने कहा, "पहले दिन से ही, मेरे सभी कांग्रेस के साथियों, अर्थशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों और समाज के अग्रणी हर व्यक्ति ने बार-बार सरकार को यह कहा कि ये वक्त आगे बढ़ कर घाव पर मरहम लगाने का है। लेकिन न जाने क्यों केंद्र सरकार यह बात समझने और लोगों की मदद करने को तैयार नहीं है।"

सोनिया गांधी ने कहा, "इसलिए, कांग्रेस ने लोगों की आवाज उठाने का फैसला लिया है। हम केंद्र सरकार से फिर आग्रह करते हैं कि वह खजाने का ताला खोले और जरूरतमंदों को राहत दे।"

उन्होंने कहा, "हर परिवार को छह महीने के लिए 7,500 रुपये प्रतिमाह सीधे कैश भुगतान करें और उसमें से 10 हजार रुपए फौरन उनके बैंक अकाउंट में दें।"

उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि मजदूरों को सुरक्षित और मुफ्त यात्रा के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाने का इंतजाम करने के साथ ही उनके रोजगार का भी इंतजाम किया जाए।

उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी मनरेगा में 200 दिन का काम सुनिश्चित करें जिससें लोगों को गांव में ही रोजगार मिल सके। छोटे और लघु उद्योगों को लोन देने की बजाय आर्थिक मदद दीजिए, ताकि करोड़ों नौकरियां भी बचें और देश की तरक्की भी हो।"

सोनिया गांधी ने कहा कि आज इसी कड़ी में सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर से कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता, पदाधिकारी एक बार फिर सरकार के सामने यह मांगें दोहरा रहे हैं।

उन्होंने जनता से भी अपील कर कहा कि वे सभी इस मुहिम में जुड़ें और लोगों से जुड़ी परेशानियों को उजागर करने का कार्य करें।


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