पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और परिवार से बेदखल चल रहे तेजप्रताप यादव करीब सात माह बाद गुरुवार को अपनी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित सरकारी आवास पहुंचे। अवसर था राबड़ी देवी के 68वें जन्मदिवस का। वर्षों से जहां एक जनवरी को 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले में राजनीतिक हलचल और बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ती रही है, वहीं इस बार माहौल पूरी तरह बदला नजर आया—खामोशी, सन्नाटा और भावनाओं से भरा पारिवारिक क्षण।
राबड़ी देवी ने 68वें वर्ष में रखा कदम
राबड़ी देवी फिलहाल 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले में अकेले रह रही हैं। राज्य सरकार की ओर से इस बंगले को खाली करने का नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है और औपचारिक प्रक्रियाएं भी शुरू हो चुकी हैं। इस बीच उनका जन्मदिन ऐसे समय आया, जब परिवार और पार्टी दोनों ही स्तर पर परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद दिल्ली में सांसद पुत्री मीसा भारती के आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। वहीं, छोटे पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ यूरोप भ्रमण पर हैं। वे लालू प्रसाद के ऑपरेशन से पहले ही पटना से रवाना हो चुके थे।
अनुष्का यादव प्रकरण के बाद बदले रिश्ते
गौरतलब है कि 25 मई 2025 को अनुष्का यादव प्रकरण के बाद तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से अलग कर दिया गया था। इसके बाद से वह न तो किसी पारिवारिक आयोजन में नजर आए और न ही पार्टी के मंचों पर। इसी क्रम में सात माह बाद उनका अचानक मां के जन्मदिन पर पहुंचना राजनीतिक और पारिवारिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम में लालू परिवार की बेटी रोहिणी आचार्य भी चर्चा में रही हैं। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पारिवारिक बैठक के दौरान कथित रूप से अपमानित होने के बाद उन्होंने मायके से स्वतः दूरी बना ली थी। इस बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई शुभकामना संदेश भी साझा नहीं किया।
भावुक मुलाकात, केक और सीख
दोपहर के समय जब तेजप्रताप यादव अपनी मां को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। वर्षों से सुबह-सुबह शुभकामनाएं देने वालों की भीड़ से गुलजार रहने वाला बंगला इस बार उदासी में डूबा हुआ था। बड़े बेटे को सामने देखकर राबड़ी देवी की आंखें भर आईं।करीब एक घंटे तक मां-बेटे की मुलाकात चली। तेजप्रताप अपने साथ केक लेकर पहुंचे थे, जिसे राबड़ी देवी ने खुद काटा। इस दौरान उन्होंने तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से दोबारा रिश्ते जोड़ने की नसीहत भी दी। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत में भविष्य को लेकर चिंता और उम्मीद दोनों के भाव साफ झलक रहे थे।
सोशल मीडिया पर छलका तेजप्रताप का दर्द
मुलाकात के बाद तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “मां परिवार की आत्मा होती हैं। कठिन से कठिन समय में भी वह अपने बच्चों के साथ खड़ी रहती हैं। हम धन्य हैं, क्योंकि हमारे पास आप हैं।” उनकी इस पोस्ट को समर्थकों ने भावुक प्रतिक्रिया के साथ साझा किया।
राजनीतिक गलियारों में फीकी मौजूदगी
राबड़ी देवी को सबसे पहले जन्मदिन की बधाई मोबाइल पर लालू प्रसाद यादव ने ही दी। दोपहर बाद पार्टी के कुछ गिने-चुने नेता—प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद और प्रदेश महासचिव भाई अरुण बंगले पर पहुंचे। हालांकि, न तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिखे और न ही राजद के बड़े दिग्गज नेता। पिछले वर्षों में एक जनवरी को इसी आवास पर राजनीतिक गतिविधियों की धूम रहती थी। बधाई देने वालों का तांता लगा रहता था, लेकिन इस बार बदली परिस्थितियों ने राबड़ी देवी के जन्मदिन को एक शांत और चिंतनशील दिन में बदल दिया।
एक मुलाकात, कई सवाल
तेजप्रताप की यह मुलाकात केवल एक पारिवारिक घटना नहीं, बल्कि राजद के अंदर चल रहे तनाव और भविष्य की संभावनाओं की ओर भी इशारा करती है। क्या यह मुलाकात रिश्तों के पुनर्संयोजन की शुरुआत है या केवल मां-बेटे के भावनात्मक रिश्ते तक सीमित रहेगी, यह सवाल फिलहाल राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है।