पंजाब में रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला, AAP से जुड़े 3 लोगों को पकड़े जाने का दावा; नशा मुक्ति यात्रा से पहले गरमाई सियासत

पंजाब में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हमले का आरोप लगा है। बीजेपी नेता ने तीन लोगों के AAP से जुड़े होने का दावा किया है। जानें पूरा मामला।;

Update: 2026-09-18 07:41 GMT
चंडीगढ़। पंजाब में नशे के मुद्दे पर बीजेपी के अभियान की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पठानकोट जाते समय उनके काफिले को निशाना बनाया गया। बिट्टू बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना बटाला के पास घसीतपुर इलाके में हुई, जहां काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके जाने की बात सामने आई है।

बिट्टू का दावा- AAP से जुड़े हैं तीन आरोपी

बिट्टू ने दावा किया कि घटना के बाद उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा। उनके कार्यालय की ओर से भी कहा गया कि पकड़े गए लोग कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। बिट्टू ने आरोप लगाया कि एक स्थानीय विधायक ने इन लोगों को बीजेपी की नशा विरोधी यात्रा में उनके शामिल होने को रोकने के लिए भेजा था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

बिट्टू ने घटना को नेताओं की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर बताते हुए पंजाब सरकार से तत्काल जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे।

4 हजार किलोमीटर की यात्रा से पहले हुआ विवाद

बीजेपी ने पंजाब में नशे के खिलाफ ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। यह अभियान 18 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। चार अलग-अलग स्थानों से शुरू होने वाली यात्राएं करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेंगी। समापन कार्यक्रम जालंधर में होना है।

बीजेपी इसे नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान बता रही है, जबकि राजनीतिक तौर पर इसे 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के बड़े जनसंपर्क अभियान के तौर पर भी देखा जा रहा है।

बीजेपी नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

पंजाब बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने आरोप लगाया कि बिट्टू के काफिले पर हुई घटना का मकसद नशा मुक्ति अभियान से ध्यान भटकाना हो सकता है। उन्होंने राज्य में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

बीजेपी नेता विजय सांपला ने भी घटना की निंदा करते हुए पंजाब में ड्रग्स और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में बीजेपी नेताओं से जुड़े कई घटनाक्रम सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करते हैं। ये सभी आरोप बीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

रवनीत बिट्टू के काफिले की घटना ऐसे समय हुई है जब बीजेपी पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी अभियान चला रही है। इसलिए इस घटना ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। फिलहाल पूरे मामले में आरोपों की पुष्टि और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जांच अहम होगी।

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