नेहा बोरा के बयान पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, बोलीं- युवा हैं, होनहार हैं, लेकिन सोच का इस्तेमाल सही तरीके से करें
AISA प्रमुख नेहा बोरा की ब्राह्मण महिलाओं और मंदिरों को लेकर की गई टिप्पणी पर शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने बयान पर दोबारा विचार करने की सलाह दी।;
नई दिल्ली। आईसा प्रमुख नेहा बोरा की ब्राह्मण महिलाओं और मंदिरों को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के बाद अब विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं ने भी उनके बयान पर सवाल उठाए हैं। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नेहा बोरा को अपनी भाषा और विचारों पर दोबारा गौर करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की असुरक्षा का मुद्दा कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, इसे किसी धर्म या जाति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि नेहा बोरा का वीडियो पुराना हो सकता है, लेकिन उसमें दिखाई देने वाली सोच चिंता पैदा करती है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में दुष्कर्म होने और ब्राह्मण महिलाओं के असुरक्षित होने जैसी बातें अपमानजनक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद ब्राह्मण महिला हैं, लेकिन जाति के आधार पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
नेहा बोरा को दी सलाह, बोलीं- कट्टर सोच देश के लिए नुकसानदेह
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि कट्टरपंथी सोच चाहे वामपंथ की ओर से आए या दक्षिणपंथ की ओर से, वह देश के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने नेहा बोरा से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने की इच्छा भी जताई। प्रियंका के मुताबिक, वह उन्हें समझाना चाहेंगी कि हर सामाजिक समस्या को जाति और धर्म के नजरिये से देखना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि नेहा युवा, होनहार और संघर्ष करने की इच्छाशक्ति रखने वाली हैं, लेकिन उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करते समय शब्दों और उनके प्रभाव का ध्यान रखना चाहिए। प्रियंका ने दोहराया कि देशभर में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर चुनौती है और इसका समाधान कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में है।
बांग्लादेश से भारत की तुलना पर भी उठाए सवाल
प्रियंका चतुर्वेदी ने नेहा बोरा के बांग्लादेश से भारत की तुलना करने वाले बयान पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों को युवा आंदोलन का नतीजा बताना सही नहीं है। उनके अनुसार, वहां युवाओं के आंदोलन के बाद कट्टरपंथी संगठनों ने स्थिति का फायदा उठाया।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश और संविधान की तुलना ऐसे हालात से करना उचित नहीं है, जहां कट्टरपंथी ताकतों का प्रभाव बढ़ गया हो। प्रियंका ने कठुआ और उन्नाव जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सवाल उठाना जरूरी है, लेकिन पूरे धर्म या समुदाय को एक ही नजर से देखना गलत है।
क्या था नेहा बोरा का विवादित बयान?
वायरल वीडियो में नेहा बोरा ने कथित तौर पर कहा था कि महिलाओं को ब्राह्मणवादी व्यवस्था से सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया था कि इसी व्यवस्था के कारण ब्राह्मण महिलाएं भी असुरक्षित हैं और मंदिरों में पुजारियों द्वारा दुष्कर्म जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने अपने बयान में कठुआ और उन्नाव की घटनाओं का भी उल्लेख किया था।
भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
नेहा बोरा की टिप्पणी पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल हिंदू समाज के खिलाफ नफरत फैलाने वाली भाषा को बढ़ावा दे रहा है। भाजपा ने नेहा बोरा को कांग्रेस की पोस्टर गर्ल तक करार दिया था।
गौरतलब है कि नेहा बोरा कई राजनीतिक प्रदर्शनों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी नेताओं के साथ नजर आ चुकी हैं। अब INDIA गठबंधन के भीतर से भी उनके बयान पर सवाल उठने के बाद यह विवाद और राजनीतिक रूप लेता दिखाई दे रहा है।