वॉशिंगटन: US Midterm Election 2026 result: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बढ़त हासिल करते हुए सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। चुनाव परिणामों को ट्रंप सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी और राजनीतिक बदलाव की इच्छा के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इन नतीजों से राष्ट्रपति के अगले दो वर्षों के विधायी एजेंडे पर भी असर पड़ने की संभावना है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होते हैं। इस बार चुनाव में 210 मिलियन से अधिक अमेरिकी नागरिक मतदान करने के पात्र थे। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण था। वहीं, डेमोक्रेट्स का लक्ष्य कम से कम एक सदन में बहुमत हासिल करना था, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों और विधायी योजनाओं पर नियंत्रण रखा जा सके।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स की बढ़त
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। इस चुनाव में सभी सीटों पर मतदान हुआ। शुरुआती चुनावी रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी 226 सीटों पर आगे दिखाई दी, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 136 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। डेमोक्रेट्स ने इस आंकड़े को पार करते हुए सदन में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इससे पार्टी को राष्ट्रपति के विधायी प्रस्तावों पर चर्चा, संशोधन और निगरानी के लिए अधिक राजनीतिक ताकत मिलने की उम्मीद है। रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों में पार्टी को कांग्रेस के दोनों सदनों में समर्थन प्राप्त था। अब विपक्ष की मजबूत स्थिति राष्ट्रपति के लिए नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर सकती है।
सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत
अमेरिकी सीनेट में कुल 100 सीटें हैं। इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 30 सीटों के परिणाम सामने आए, जिनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 19 और रिपब्लिकन पार्टी ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की। बाकी पांच सीटों पर मतगणना जारी थी। चुनाव परिणामों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 53 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 42 सीटें बताई गईं। सीनेट में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे पर प्रभाव डालने का अवसर मिलेगा। हालांकि, किसी भी कानून को पारित कराने की प्रक्रिया में दोनों सदनों की भूमिका और संवैधानिक प्रावधान महत्वपूर्ण होंगे।
गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स आगे
अमेरिका के 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए चुनाव हुए। उपलब्ध परिणामों के अनुसार, 26 राज्यों में मतगणना पूरी हो चुकी थी। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने 17 और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की। बाकी 10 राज्यों में मतगणना जारी थी। गवर्नर चुनाव के परिणाम भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि राज्यों की सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले करती हैं।
ओबामा ने कहा- देश को जोड़ने वाली राजनीति की जरूरत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह ऐसी राजनीति चाहती है, जो लोगों को बांटने के बजाय उन्हें एक साथ लाए। ओबामा ने कहा कि ट्रंप सरकार के पास अभी दो साल का कार्यकाल बाकी है। ऐसे में डेमोक्रेट्स को जहां भी बदलाव करने का अवसर मिले, वहां उन्हें जनता के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से आगे होने वाले नुकसान को रोकने और देश के भविष्य की तैयारी करने की अपील की। ओबामा के बयान को चुनाव परिणामों के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राथमिकताओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कई प्रमुख नेताओं ने दोबारा दर्ज की जीत
चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने अपनी सीटें बरकरार रखीं। डेलावेयर से क्रिस कूंस, मैसाचुसेट्स से एडवर्ड मार्के और रोड आइलैंड से जॉन रीड अमेरिकी सीनेट के लिए दोबारा चुने गए। न्यू जर्सी से कोरी बुकर ने भी जीत हासिल की। गवर्नर चुनाव में पेन्सिल्वेनिया के जोश शापिरो, मैरीलैंड के वेस मूर, मैसाचुसेट्स की मौरा हीली और इलिनोइस के जेबी प्रिट्जकर ने दोबारा जीत दर्ज की। इलिनोइस से जुलियाना स्ट्रैटन भी सीनेट के लिए फिर चुनी गईं। भारतीय मूल के अमेरिकी नेताओं ने भी चुनाव में सफलता हासिल की। कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से रो खन्ना ने दोबारा जीत दर्ज की। वहीं, वाशिंगटन के सातवें संसदीय क्षेत्र से प्रमिला जयपाल लगातार छठी बार निर्वाचित हुईं।
क्या है मिडटर्म चुनाव और क्यों महत्वपूर्ण?
अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच दो साल बाद मिडटर्म चुनाव होते हैं। मतदान नवंबर महीने के पहले मंगलवार को आयोजित किया जाता है। इस चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर मतदान होता है, जबकि सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव कराया जाता है। राष्ट्रपति स्वयं इन चुनावों में उम्मीदवार नहीं होते, लेकिन परिणामों को उनके कार्यकाल के कामकाज और नीतियों पर जनता की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा, कई राज्यों में गवर्नर, राज्य विधायकों और स्थानीय अधिकारियों के चुनाव भी होते हैं।
मिडटर्म चुनाव में विपक्ष को बहुमत मिलने पर राष्ट्रपति के लिए नए कानून और विधेयक पारित कराना मुश्किल हो सकता है। कांग्रेस के दोनों सदनों में अलग-अलग दलों का नियंत्रण होने से सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत, समझौते और राजनीतिक टकराव की भूमिका बढ़ जाती है। इस बार के चुनाव परिणामों ने अमेरिकी राजनीति में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत की है। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप के लिए अगले दो वर्षों में अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।