आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में एनडीए का दबदबा, जगन मोहन रेड्डी के गढ़ में ढहा वाईएसआरसीपी का किला; 13 में से 9 नगर निगमों पर जीत

आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में टीडीपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। 13 में से 9 नगर निगम और 86 में से 75 नगरपालिकाओं पर गठबंधन ने जीत दर्ज की। जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।;

Update: 2026-11-04 07:04 GMT

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) को बड़ा झटका दिया है। गठबंधन ने राज्य के 13 नगर निगमों में से नौ पर जीत दर्ज की है। वहीं, 86 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में से 75 पर भी उसका कब्जा हो गया है। इन नतीजों को पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। खासतौर पर उनके गृह जिले वाईएसआर कडप्पा में YSRCP का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।

हालांकि, श्रीकाकुलम नगर निगम और अमदालावलसा नगरपालिका में अदालती मामलों के चलते चुनाव नहीं हो सके। नेल्लिमर्ला और सालूर में टीडीपी के बागी उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद हासिल किया। कुछ निकायों में विपक्षी दलों को भी सफलता मिली है।

जगन मोहन रेड्डी के गृह जिले में YSRCP को करारी शिकस्त

चुनाव का सबसे चौंकाने वाला परिणाम वाईएसआर कडप्पा जिले से आया है। यह इलाका लंबे समय से जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। जिले के 279 नगरपालिका वार्डों में YSRCP केवल सात सीटें जीत सकी। इसके मुकाबले NDA गठबंधन ने कई निकायों में मजबूत प्रदर्शन किया।

जगन के गृह विधानसभा क्षेत्र पुलिवेंदुला में भी पार्टी को बड़ा झटका लगा। यहां टीडीपी की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार तुगुतला गीता कुमारी ने 13,875 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। जिन 20 वार्डों में मतदान हुआ, उनमें से 17 पर सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि YSRCP को केवल तीन सीटें मिलीं।

2021 के नतीजों से पूरी तरह बदली राजनीतिक तस्वीर

इस बार के परिणामों की तुलना 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों से की जा रही है। उस समय YSRCP ने 87 में से 86 नगरपालिकाओं में जीत हासिल की थी। राज्य के सभी 13 नगर निगमों पर भी पार्टी का कब्जा था। लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में YSRCP ने अपनी मौजूदगी बनाए रखी। पार्टी ने अनंतपुर नगर निगम और नंदिकोटकुर नगरपालिका में जीत दर्ज की, जबकि नायडूपेटा और बेथमचेरला में भी वह आगे चल रही थी।

NDA ने जनता के भरोसे को बताया जीत की वजह

चुनाव में जीत के बाद टीडीपी प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि यह परिणाम मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश के नेतृत्व पर जनता के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने राज्य में भाजपा नेतृत्व को मिले समर्थन का भी जिक्र किया।

मंत्री नारा लोकेश ने एक्स पर कहा कि इस जनादेश को केवल जश्न के रूप में नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने गठबंधन को मिले समर्थन के लिए लोगों का आभार जताया।

जगन ने लगाए चुनाव में धांधली के आरोप

दूसरी ओर, YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार, पुलिस और चुनाव आयोग पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए। उनका दावा है कि नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना तक में गड़बड़ी हुई।

जगन ने आरोप लगाया कि पार्टी एजेंटों को मतदान केंद्रों पर काम करने से रोका गया और कुछ उम्मीदवारों पर नाम वापस लेने का दबाव बनाया गया। उन्होंने चुनावी सुधारों की मांग भी उठाई। हालांकि, ये आरोप YSRCP की ओर से लगाए गए हैं। चुनावी नतीजों के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति मजबूत हुई है और विपक्ष के सामने अपने संगठन को फिर से खड़ा करने की चुनौती है।

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