फिर जीत गई जिंदगी: 10 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली 60 साल की महिला, चीनी नागरिक भी सुरक्षित बचा

नेपाल में आपदा के 10-11 दिन बाद बेट्रावती में 60 वर्षीय महिला को मलबे से जिंदा बचाया गया। अपर त्रिशूली-1 परियोजना से एक चीनी नागरिक भी सुरक्षित निकाला गया।;

Update: 2026-09-05 09:40 GMT
काठमांडू। नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन के बाद जारी राहत एवं बचाव अभियान के बीच ऐसी दो घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने मुश्किल हालात में भी उम्मीद जगा दी है। आपदा के करीब 10-11 दिन बाद बेट्रावती इलाके में मलबे के नीचे दबे एक घर से 60 वर्षीय महिला को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाला गया। नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चलाकर महिला तक पहुंच बनाई।

कई दिनों तक मलबे में फंसे रहने के बावजूद महिला के जीवित मिलने को बचाव अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस घटना ने उन परिवारों के बीच भी उम्मीद बढ़ाई है, जिनके अपने अब भी प्रभावित इलाकों में लापता या फंसे हुए हैं।

मुश्किल हालात में चला रेस्क्यू ऑपरेशन

महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान बचाव दल के सामने मलबे, कीचड़ और अस्थिर ढांचे जैसी कई चुनौतियां थीं। इसके बावजूद सुरक्षा जवानों ने संभावित खतरे की परवाह किए बिना तलाश जारी रखी। बचावकर्मियों ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर महिला तक पहुंच बनाई और फिर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

इतने लंबे समय बाद किसी व्यक्ति के जिंदा मिलने से राहत दलों का मनोबल भी बढ़ा है। इससे यह संदेश गया है कि जब तक किसी संभावित स्थान की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती, तब तक मलबे में फंसे लोगों के जीवित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अपर त्रिशूली-1 परियोजना से चीनी नागरिक भी बचा

इसी बीच नेपाल की अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना के प्रभावित क्षेत्र से एक चीनी नागरिक को भी जिंदा बचाया गया। सुरक्षा बलों और राहत दलों ने इलाके में लगातार तलाश अभियान चलाया। इसी दौरान चीनी नागरिक के सुरक्षित होने की जानकारी मिली और उसे प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकाला गया।

लगातार दो लोगों के इतने दिनों बाद जीवित मिलने से बचाव अभियान में जुटी टीमों के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। इन घटनाओं ने प्रभावित परिवारों को अपने लापता परिजनों को लेकर उम्मीद बनाए रखने का कारण दिया है।

लापता लोगों की तलाश अब भी जारी

नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। सुरक्षा बल और स्थानीय बचाव दल मलबे के साथ-साथ उन स्थानों की भी जांच कर रहे हैं, जहां लोगों के फंसे होने की आशंका है। अभियान का उद्देश्य केवल मलबा हटाना नहीं, बल्कि हर संभावित जगह पर जीवित लोगों की तलाश करना है।

60 वर्षीय महिला और चीनी नागरिक का इतने दिनों बाद सुरक्षित मिलना इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों में भी जीवन बचाने की संभावना बनी रह सकती है। बचाव दल लगातार इसी उम्मीद के साथ अभियान आगे बढ़ा रहे हैं कि मलबे के नीचे फंसी अन्य जिंदगियों तक भी पहुंच बनाई जा सके।

बचावकर्मियों के साहस को सलाम

इन दोनों रेस्क्यू ऑपरेशन ने नेपाल के सुरक्षा जवानों और राहत दलों के साहस को भी सामने रखा है। खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद बचावकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी बचाने में जुटे हैं।

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