हैदराबाद: तेलंगाना में पॉलीटेक्निक छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब सड़कों तक पहुंच गया है। GO 97 को वापस लेने की मांग को लेकर छात्रों ने सिकंदराबाद के संगीत एक्स रोड्स पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार का प्रस्तावित प्रशासनिक बदलाव पॉलिटेक्निक संस्थानों की मौजूदा व्यवस्था और शिक्षा के स्वरूप को प्रभावित कर सकता है। छात्रों ने सरकार से आदेश को बिना शर्त वापस लेने की मांग की है। काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और बीआरएस ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
सिकंदराबाद में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस तैनात
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए संगीत एक्स रोड्स पर पुलिस बल तैनात किया गया। इससे पहले गुरुवार को तेलंगाना पॉलीटेक्निक स्टूडेंट्स जेएसी के नेतृत्व में धरना चौक पर भी बड़ा प्रदर्शन हुआ था। इस प्रदर्शन में राज्य के 59 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्र, पूर्व छात्र, अभिभावक और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि GO 97 को बिना किसी शर्त के वापस लिया जाना चाहिए। छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ किसी प्रशासनिक आदेश का मामला नहीं है, बल्कि इससे हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा, संस्थानों की पहचान और भविष्य पर असर पड़ सकता है।
GO 97 को लेकर छात्रों की मुख्य आपत्ति क्या है?
GO 97 पॉलिटेक्निक कॉलेजों की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से जुड़ा सरकारी आदेश है। छात्रों को सबसे ज्यादा आपत्ति प्रस्तावित प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पॉलिटेक्निक शिक्षा की अपनी अलग जरूरतें और पहचान हैं। ऐसे में मौजूदा ढांचे में बड़े बदलाव से संस्थानों की स्वायत्तता और तकनीकी शिक्षा की विशिष्टता कमजोर हो सकती है। छात्र चाहते हैं कि पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था जारी रखी जाए और सरकार किसी भी बदलाव से पहले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा करे।
YISU के ढांचे को लेकर भी सवाल
पॉलिटेक्निक के दूसरे वर्ष की छात्रा श्रावणी ने आरोप लगाया कि सरकार भले ही पॉलिटेक्निक संस्थानों को YISU में विलय नहीं करने की बात कह रही हो, लेकिन GO 97 में उन्हें YISU के ढांचे और इकोसिस्टम के तहत लाने का प्रावधान बताया गया है। छात्रों का कहना है कि प्रस्तावित नए कौशल आधारित ढांचे को लेकर अभी पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। उनका दावा है कि इस व्यवस्था की भूमिका और भविष्य को लेकर विद्यार्थियों के बीच कई सवाल हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट रोडमैप सामने रखने की मांग की है।
छात्रों को भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता की चिंता
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर कॉलेजों के संचालन, पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पॉलिटेक्निक संस्थानों की जरूरतों को अलग तरीके से समझना जरूरी है। छात्रों ने सरकार से अपील की है कि किसी भी नए ढांचे को लागू करने से पहले उसके संभावित प्रभावों पर सार्वजनिक चर्चा की जाए।
PPP मॉडल पर भी उठे सवाल
छात्रों ने प्रस्तावित सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल को लेकर भी चिंता जताई है। प्रदर्शनकारी नवीन रेड्डी ने आशंका जताई कि यदि कंपनियों और निजी संस्थाओं की विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में बड़ी भूमिका होती है, तो विद्यार्थियों के हितों के मुकाबले व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता मिलने का खतरा हो सकता है। हालांकि, छात्रों की यह आशंका उनके विरोध का हिस्सा है और PPP मॉडल के वास्तविक स्वरूप तथा उसके प्रावधानों को लेकर सरकार की ओर से विस्तृत स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने GO 97 से जुड़े मुद्दों की जांच कर रही उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि छात्रों और शिक्षण संस्थानों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि प्रस्तावित बदलाव के पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है और इससे पॉलिटेक्निक शिक्षा पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
छात्र आंदोलन ने बढ़ाई सरकार की चुनौती
GO 97 के विरोध में तेलंगाना के पॉलिटेक्निक छात्रों का आंदोलन अब राज्य सरकार के लिए एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है। सिकंदराबाद में सड़क पर प्रदर्शन और इससे पहले धरना चौक पर जुटी बड़ी संख्या में भीड़ ने सरकार के सामने छात्रों की नाराजगी को उजागर किया है। फिलहाल छात्रों की मुख्य मांग GO 97 को वापस लेने और पॉलिटेक्निक संस्थानों की अलग प्रशासनिक पहचान बनाए रखने की है। अब निगाह सरकार के अगले कदम पर है कि वह प्रदर्शनकारियों से बातचीत करती है या आदेश को लेकर अपनी स्थिति और स्पष्ट करती है।