सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर तनाव, इकरा हसन हाउस अरेस्ट; पुलिस से भिड़ीं सपा सांसद
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बीच सपा सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किया गया।;
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से मस्जिद को गिराने की कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध माना था। इस फैसले के खिलाफ दाखिल अपील भी खारिज होने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पीएसी और आरआरएफ की कंपनियां भी लगाई गई थीं। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस ने पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया।
अदालती आदेश के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, मस्जिद को लेकर विवाद एक शिकायत के बाद शुरू हुआ था। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को अवैध घोषित किया और 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को जिला जज की अदालत में आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की।
जिला जज की अदालत में मामले की 17 तारीखों पर सुनवाई हुई। इसके बाद 2 सितंबर को अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। प्रशासन का कहना है कि इसके बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
इकरा हसन को घर से निकलने से रोका गया
कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई। बताया गया कि वह सहारनपुर जाने की तैयारी में थीं, तभी पुलिस बल उनके आवास पर पहुंचा और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
इकरा हसन ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह मस्जिद मामले को लेकर अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं और क्षेत्र की जनता की आवाज प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया है।
पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की
सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह के मुताबिक, नोटिस और अपील समेत निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रशासन की ओर से त्योहारों के मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।