कोरोना को लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगे दंडी सन्यासी
सनातन धर्म की ध्वजा दुनिया में फहराने वाले दंडी सन्यासी अब कोरोना वायरस के प्रति देश के लोगों को जागरूक करेंगे।
प्रयागराज। सनातन धर्म की ध्वजा दुनिया में फहराने वाले दंडी सन्यासी अब कोरोना वायरस के प्रति देश के लोगों को जागरूक करेंगे।
अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने शनिवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस का प्रकोप उतना नहीं है जितना सोशल मीडिया पर अफवाहों से लोगों को भयभीत किया जा रहा है। लोगों को अफवाहों से डरने की नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य और बचाव को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है।
उन्होने कहा कि भारत धर्म नगरी है और प्रयाग तीर्थों का राजा है। यहां हर साल माघ मेला के दौरान हवन, यज्ञ और पूजन आदि से वातावरण शुद्ध रहता है इसलिए इस प्रकार की बीमारियों का असर नहीं होगा लेकिन बचसव के उपाय जरूरी बेहतर है।
देश की एकता और अखंडता को कुछ लोग तोड रहे हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहे और अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि दंडी सन्यासी हमेशा धर्म और कर्म के क्षेत्र में अग्रसर रहते हैं । राष्ट्रहित में संत समाज आगे रहता है।
अध्यक्ष ने कहा कि सावधानी पूर्वक इस वायरस का मुकाबला करना चाहिए। दंडी सन्यासी परिषद के सदस्य गांव-गांव और शहर जाकर कोरोना वायरस से बचाव का सुझाव देंगे। लोगों को घरों में लोबान, धूप एवं गूगल आदि पदार्थों के उपयोग का सुझाव दिया जाएगा, इससे भी वायरस को रोका जा सकता है।
इलाहाबद उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस से वचाव के लिए अधिवक्ताओं से कहा है कि वह वादकारियों को अदालत आने से मना करें। भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के मद्देनजर महानिबंधक आशीष कुमार श्रीवास्तव की ओर से
जारी शुक्रवार को अधिसूचना में न्यायालय ने परिसर में भीड़ लगाने की मनाही कर दी गयी। इसके अलावा मध्यस्थता जैसे मामलों में अति आवश्यक केस में ही अब सुनवाई होगी ।
अधिसूचना में उच्च न्यायालय और इसकी लखनऊ पीठ तथा जिला अदालतों में वकीलों और कर्मचारियों को हाथ मिलाने और समूह में एकत्र होने से बचने की सलाह दी गयी है। उच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सुझाए गये बचाव के उपायों को अपनाने को लागू करने का निर्देश दिया है।