जम्मू-कश्मीर में 5–6 वर्षों में आया बड़ा बदलाव: उपराज्यपाल
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से आह्वान किया कि उसके हर फैसले, जांच और अभियोजन अदालतों की कसौटी पर खरे उतरने चाहिए
मनोज सिन्हा बोले – अब साधारण नहीं, बड़े सपने देख रहा है प्रदेश
- एसीबी मुख्यालय का उद्घाटन, भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प
- पारदर्शी शासन से तेज़ी पकड़ रहा विकास, जनता में बढ़ा विश्वास
- उपराज्यपाल का संदेश – न्याय में देरी नहीं, जवाबदेही ज़रूरी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से आह्वान किया कि उसके हर फैसले, जांच और अभियोजन अदालतों की कसौटी पर खरे उतरने चाहिए।
उपराज्यपाल ने जम्मू के सिधरा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो , जम्मू-कश्मीर के मुख्यालय भवन और अवंतिपुरा में एसीबी एपीकेएस शाखा के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर अब साधारण क्रियाकलाप से संतुष्ट नहीं है, बल्कि बड़े सपने देखने की हिम्मत कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में उज्ज्वल भविष्य का विश्वास पैदा हुआ है और इसे साकार करना अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ब्यूरो को संविधान द्वारा मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए अन्याय को उजागर करना, भ्रष्टाचार को समाप्त करना और जनता का विश्वास अर्जित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज उद्घाटित किए गए ये दोनों भवन केवल स्टील, कांच और कंक्रीट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त केंद्रशासित प्रदेश की दिशा में एक मजबूत घोषणा हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले 5–6 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है और उसे पूरी तरह जनसेवा के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे केंद्रशासित प्रदेश के हर नागरिक के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार खत्म करने, देरी कम करने और सेवाओं को सीधे आम लोगों तक पहुंचाने के लिए 'फेसलेस मैकेनिज्म' स्थापित किया गया है।
उपराज्यपाल ने कहा कि हाल के वर्षों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज हुई है और उद्योग, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वरोजगार, स्वास्थ्य, बिजली और ग्रामीण विकास सहित लगभग सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था का परिणाम है।
उन्होंने एसीबी अधिकारियों से अपने कार्यों का रोजाना आत्म-मूल्यांकन करने और संस्थान की विश्वसनीयता को मजबूत बनाने का भी आह्वान किया। साथ ही उन्होंने विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आज के जुड़े हुए विश्व में भ्रष्टाचार की सीमाएं नहीं होतीं और जांच में समय पर सहयोग बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जांच में देरी न्याय को कमजोर करती है, इसलिए ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करनी होगी जिसमें न्याय दिलाने की प्रक्रिया में कोई विलंब न हो।