गोवा में खदान पट्टा नवीनीकरण में बड़ा घोटाला : आप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गोवा में खनन पट्टे को बुधवार को रद्द किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर पट्टे के नवीनीकरण में घोटाला करने का आरोप लगाया है

Update: 2018-02-07 22:27 GMT

पणजी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गोवा में खनन पट्टे को बुधवार को रद्द किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर पट्टे के नवीनीकरण में घोटाला करने का आरोप लगाया है। आप के प्रदेश संयोजन एल्विस गोम्स ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014-15 में भारतीय जनता पार्टी (भजपा) की अगुवाई वाली सरकार ने उन्हीं खनन कंपनियों के पक्ष में खनन पट्टों का नवीनीकरण किया, जिनपर शाह अयोग ने अवैध खनन का आरोप लगाया था और 2012 में 35,000 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि पट्टा नवीनीकरण का यह घोटाला उससे भी बड़ा है। 

उन्होंने कहा, "न्यायमूर्ति बी.एम. शाह आयोग ने 35,000 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर किया था। उसपर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और पट्टे के लिए नीलामी को अनिवार्य करने के केंद्रीय कानून के लागू होने से ठीक पहले जल्दबाजी में 88 खदानों के पट्टों का नवीनीकरण उन्हीं कंपनियों के नाम 2014-15 में कर दिया गया, जिनपर शाह आयोग ने अवैध खनन का आरोप लगाया था।"

उन्होंने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए कि किस प्रकार पट्टों का नवीनीकरण किया गया। 

शाह आयोग द्वारा 2012 में 35,000 करोड़ रुपये का घोटाला प्रकाश में लाने के पूर्व गोवा निम्न दर्जे के लौह-अयस्क के निर्यात में अग्रणी था और यहां से पांच करोड़ रुपये का लौह अयस्क का निर्यात होता था। आयोग ने इस घोटाले में प्रमुख खनन कंपनियों और गोवा की तत्कालीन सरकार के मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और प्रमुख नौकरसाहों की संलिप्तता उजागर की थी। 

इसके बाद 2012 में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश में लौह-अयस्क के खनन पर रोक लगा दी थी। 

शीर्ष अदालत ने बुधवार को गोवा में मौजूदा सभी लौह अयस्क पट्टे को रद्द कर दिया और कहा कि हाल में पर्यावरण मंजूरी प्राप्त लाइसेंसधारियों को बोली के जरिए पट्टे दिए जाएं।

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