ललित सुरजन की कलम से कुर्सी के दावेदार
'एनडीए में जो बिखराव होना था, वह हो गया। अब आगे की तस्वीर क्या बनेगी? इस घटनाचक्र की पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी और नवीन पटनायक भी एकाएक सक्रिय हो गए हैं।;
'एनडीए में जो बिखराव होना था, वह हो गया। अब आगे की तस्वीर क्या बनेगी? इस घटनाचक्र की पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी और नवीन पटनायक भी एकाएक सक्रिय हो गए हैं। वे फैडरल फंड या कि संघीय मोर्चा बनाने की संभावना टटोल रहे हैं। वे इसमें झारखंड को भी इस बिना पर जोड़ना चाहते हैं कि इन चारों प्रदेशों की स्थितियां एक समान हैं। यह एक कुतर्क ही है, लेकिन राजनीति अक्सर तर्क से नहीं चलती। असली सवाल यह है कि क्या सचमुच इस तरह का कोई मोर्चा बन सकता है। चार प्रदेश, चार अलग-अलग पार्टियां- चुनाव पूर्व गठजोड़ की संभावना क्षीण है, लेकिन यदि चुनाव के बाद गठजोड़ होगा तो उसके आधार क्या होंगे? नवीन, ममता और नीतीश तीनों समय-समय पर भाजपा के साथ रह चुके हैं। चुनाव के बाद तीनों मिलकर किसका साथ देंगे- कांग्रेस का या भाजपा का और किन शर्तों पर? क्या वे अपने में से किसी के लिए प्रधानमंत्री का पद मांगेंगे या फिर और कुछ?'
(देशबन्धु में 20 जून 2013 को प्रकाशित)
https://lalitsurjan.blogspot.com/2013/06/blog-post_19.html