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टिकाऊ आजीविका के साथ पर्यावरण की रक्षा
- बाबा मायाराम खेती और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं। गाय का गोबर खाद से खेत को उपजाऊ बनाते थे और उसके बछड़ों से खेत की जुताई की जाती थी। टे्रक्टर और...












