वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई से आक्रोश, सड़कों पर उतरे लोग
अमेरिका ने शनिवार को जिस तरह से वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की और उसके नेता को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया
नई दिल्ली। अमेरिका ने शनिवार को जिस तरह से वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की और उसके नेता को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया, इससे लोगों में गुस्सा है। दुनिया के अलग-अलग जगहों पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, एक वर्ग ऐसा भी है, जो ट्रंप सरकार के इस कदम से खुश है।
लंदन में अमेरिकी दूतावास के बाहर लोगों ने वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई के विरोध में रैली की। इसके साथ ही लोगों ने अमेरिकन साम्राज्यवाद की निंदा की।
ब्राजील के ब्रासीलिया में वेनेजुएला दूतावास के बाहर वेनेजुएला के समर्थन में लोग खड़े हुए। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने क्यूबा की राजधानी हवाना में वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमले की निंदा करते हुए एक कार्यक्रम में भाषण दिया।
इक्वाडोर के क्विटो में लोग वेनेजुएला पर अमेरिका के हालिया हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही काफी लोग अमेरिकी सैन्य हमले की निंदा करने वाले एक कार्यक्रम में शामिल हुए।
सैन साल्वाडोर में भी लोगों ने अमेरिकी हमले और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में अमेरिकी दूतावास के बाहर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
न्यूयॉर्क सिटी और जापान की राजधानी टोक्यो में भी लोगों ने इसका विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला वेनेजुएला के समर्थन में नारा लगा रही थी। काराकास में वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के खिलाफ लोगों ने रैली निकाली।
चिली के सेंटियागो, इटली के नेपल्स और ग्रीस के एथेंस में भी लोगों ने अमेरिकी एक्शन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। इसके अलावा, भारत की राजधानी नई दिल्ली में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
बता दें कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शनिवार को कहा कि निकोलस मादुरो दक्षिणी अमेरिकी देश के एकमात्र राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज ने शनिवार दोपहर को वहां के एक सरकारी टेलीविजन स्टेशन पर लाइव स्पीच के दौरान कहा कि वेनेजुएला कभी भी किसी देश की कॉलोनी नहीं बनेगा।
गृह, विदेश मामलों के मंत्रियों और दूसरे अधिकारियों के साथ, रोड्रिगेज ने मांग की है कि अमेरिका मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करे। इसके साथ ही उन्होंने वेनेजुएला के लोगों से शांत रहने, मिलकर चुनौतियों का सामना करने और देश की आजादी की रक्षा करने की अपील की। रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए तैयार है और कभी किसी देश की कॉलोनी या किसी एम्पायर का गुलाम नहीं बनेगा।
अमेरिका की ओर से किए गए इस हमले में अब तक 40 लोगों की मौत हुई है, जिसमें वेनेजुएला के आम नागरिक भी शामिल हैं।