जर्मन एयरपोर्ट पर यूक्रेनी विमान के पास मिला विस्फोटक वाला ड्रोन
जर्मनी में एक यूक्रेनी कार्गो विमान के पास विस्फोटकों से लैस ड्रोन मिला है जबकि एक विमान से कोई उड़ान भरती अज्ञात वस्तु टकराई है. हालांकि इस टक्कर के बाद भी विमान सुरक्षित उतरने में सफल रहा.;
जर्मनी में एक यूक्रेनी कार्गो विमान के पास विस्फोटकों से लैस ड्रोन मिला है जबकि एक विमान से कोई उड़ान भरती अज्ञात वस्तु टकराई है. हालांकि इस टक्कर के बाद भी विमान सुरक्षित उतरने में सफल रहा.
इस घटना के बाद कई घंटों के लिए लाइपजिष-हाले को आने वाली सभी विमानों का रास्ता बदल दिया गया है. यब घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात की है. पुलिस के बम निरोधक दस्ते की मदद से ड्रोन के विस्फोटक को बेकार कर दिया है. पूर्वी जर्मनी का यह एयरपोर्ट जर्मन सेना और नाटो के लिए सैनिक साजो सामान की ढुलाई में बड़ी भूमिका निभा रहा है. यहीं पर यूक्रेन के एंनटोनोव एयरलाइंस का बेस भी है.
रूस की ओर उठी उंगली
स्थानीय समाचार एजेंसियों की वीडियो फुटेजड में बम निरोधक दस्ते के रोबोट को एंटोनोव के विमान के पास देखा गया है. विमान के एक हिस्से पर यूक्रेन का झंडा लगा हुआ है और लिखा है, "खेरसॉन की तरह बहादुर बनो." खेरसॉन यूक्रेन का वह इलाका है जो रूसी हमले झेल रहा है.
ड्रोन हमलों से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रहा है जर्मनी
जर्मनी में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सी माकिये ने बुधवार को संदेह जताया कि इस घटना के पीछे रूस का हाथ हो सकता है. वेल्ट टीवी से माकिये ने कहा, "रूस के अलावा और कौन हो सकता है?"
अधिकारियों ने इसके पीछे रूस का हाथ होने के कोई सबूत नहीं दिए हैं. रूस की तरफ से भी इस मामले में तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
जर्मन पुलिस ने बुधवार सुबह पहले यह कह कर इसकी जानकारी दी कि "सुरक्षा से जुड़ी घटना" ने फिलहाल एयरपोर्ट पर विमानों को रोक दिया है. यह एयरपोर्ट लॉजिस्टिक की प्रमुख कंपनी डीएचएल का हब भी है. पुलिस ने शुरुआती बयान में कहा, "मध्यरात्रि के तुरंत बाद उड़ान भरती एक अज्ञात वस्तु (यूएवी) को लाइपजिष-हाले एयरपोर्ट के पास देखा गया जिसके बाद कई विमानों का रास्ता बदल कर उन्हें दूसरे एयरपोर्ट की ओर भेजा गया. इनमें एक यात्री विमान भी शामिल था."
पुलिस ने यह भी कहा कि इसके साथ ही एयरपोर्ट के दक्षिणी रनवे पर एक सामान भी मिला है जिसकी संघीय पुलिस जांच कर रही है. इस जांच के बाद ही बम निरोधक रोबोट को भेजा जाता है.
पुलिस और अधिकारियों ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि यूएवी में विस्फोटक उपकरण लगा था. पुलिस ने उसके डेटोनेटर को रोबोट की मदद से निकाल दिया है.
जर्मन पत्रिका डेयर श्पीगल ने खबर दी है कि पुलिस ने चार रोटर वाले ड्रोन में फिट विस्फोटक को इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव एंड इंसेनडियरी डिवाइस कहा है.
जर्मनी के बुनियादी ढांचे पर लगातौर कौन कर रहा है हमला
सबसे पहले जर्मन अखबार बिल्ड डेली ने यह खबर दी कि डीएचएल के एक कार्गो विमान ने चेतावनी मिलने के बाद लैंडिंग रद्द कर दी और उसके बाद एक अज्ञात वस्तु से टकराया. बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि इस विमान को हनोवर एयरपोर्ट पर उतारा गया जिसके बाद विमान के नोज में मामूली नुकसान का पता चला है.
पहले भी कई ड्रोन मिले हैं
बुधवार की सुबह एयरपोर्ट पर नियमित सेवाएं बहाल कर दी गईं हालांकि केवल उत्तरी रनवे का ही इस्तेमाल किया जा रहा है. जांच अधिकारी सबूतों की तलाश में दक्षिणी रनवे की छानबीन कर रहे हैं. पुलिस की आतंकवाद निरोधी शाखा ड्रोन पायलटों की तलाश में जुटी है. लोगों से एयरपोर्ट के पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट देने को कहा गया है.
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जर्मनी और यूरोपीय देशों ने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और औद्योगिक क्षेत्रों में उड़ान भरते यूएवी की कई बार जानकारी दी है. जर्मनी यूक्रेन के लिए सबसे बड़े सैन्य सहयोगियों में है. जर्मनी का कहना है कि उसे संदेह है कि रूस इन घटनाओं के पीछे है. उसने इन घटनाओं को तोड़फोड़, जासूसी और गलत सूचना फैलाने के रूसी अभियान का हिस्सा बताया है.
जुलाई 2024 में लाइपजिष एयरपोर्ट पर एक पार्सल आग की लपटों में घिर गया. इसे डीएचएल के कार्गो विमान में चढ़ाया जाना था. रूस इस तरह की घटनाओं में शामिल होने से इनकार करता है.
पिछले साल चीन के एक नागरिक को उड़ानों के समय और कार्गो की ढुलाई की जानकारी चीन के लिए जासूसी करने वाले व्यक्ति को देने के आरोप में सजा सुनाई गई थी.