तृणमूल ने 40 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने, सालाना स्वास्थ्य शिविर लगाने के साथ जारी किया
अगले 5 सालों में 40 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने और राज्य भर में सालाना स्वास्थ्य शिविर लगाने का संकल्प लेते हुए तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को आने वाले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया
तृणमूल का घोषणापत्र: 40 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का संकल्प
- ‘दीदी की 10 प्रतिज्ञाएं’ – स्वास्थ्य शिविर से लेकर रोजगार तक वादे
- ममता बनर्जी बोलीं – बंगाल बनेगा देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
कोलकाता। अगले 5 सालों में 40 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने और राज्य भर में सालाना स्वास्थ्य शिविर लगाने का संकल्प लेते हुए तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को आने वाले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया।
घोषणापत्र जारी करते हुए पार्टी प्रमुख एवं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनके शासन के पिछले 15 सालों में बड़े पैमाने पर विकास हुआ है। उन्होंने कहा, "इस साल राज्य सरकार में हमारे 15 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन उससे पहले हम कह सकते हैं कि हमने सभी क्षेत्रों को छुआ है और इस दौरान बंगाल में बड़े पैमाने पर विकास हुआ है। हम काम में विश्वास रखते हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि लोगों को हमारे काम के बारे में बताया जाए और इसलिए हम यह घोषणापत्र 2026 ला रहे हैं।"
उन्होंने दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए 'बांग्लार जोन्नो दीदिर 10 प्रतिज्ञा' (दीदी - जैसा कि बनर्जी को लोकप्रिय रूप से कहा जाता है - की बंगाल के लिए दस प्रतिज्ञाएं) शीर्षक से 10 वादों की घोषणा की, जिसमें पूरे राज्य में सालाना स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना भी शामिल है। इन स्वास्थ्य शिविरों को 'दुआरे चिकित्सा' शविर कहा जाएगा, और ये हर साल हर प्रखंड और कस्बे में आयोजित किए जाएंगे ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। तृणमूल ने अगले 10 सालों में बंगाल को देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, "बंगाल ने पिछले दो वित्तीय वर्षों (2024-25 और 2025-26) में औसतन 10.5 प्रतिशत की दोहरे अंकों वाली वृद्धि देखी है। विकास की यह स्थिर गति बंगाल को देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना सुनिश्चित करेगी। बंगाल अगले पांच साल में 40 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा।"
एक अत्याधुनिक वैश्विक केंद्र , नदियों और गहरे समुद्र के बंदरगाहों का घना नेटवर्क, और नए लॉजिस्टिक्स हब बनने से बंगाल पूरे पूर्वी भारत के लिए व्यापार का प्रवेश द्वार बन जाएगा। घोषणापत्र में कहा गया है कि पिछले 15 सालों में बंगाल की सामान्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग छह गुना बढ़ी है और इसी दौरान औसत प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हो गई है।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 1.72 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। साथ ही, पिछले 15 सालों में राज्य का उत्पादक पूंजीगत खर्च 18 गुना बढ़ा है और भौतिक क्षेत्र का खर्च सात गुना बढ़ा है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, छह सालों में बेरोज़गारी दर 45.65 प्रतिशत कम हुई है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में राजस्व घाटा, जो 2010-11 में 3.75 प्रतिशत था, उसे 2026-27 तक घटकर 1.01 प्रतिशत रह जाने की उम्मीद है।
तृणमूल के घोषणा पत्र में कहा गया है कि कोलकाता लगातार भारत के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक बना हुआ है। सभी भारतीय महानगरों में इस शहर में संज्ञेय अपराधों की दर सबसे कम है, और यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। राज्य सरकार प्रशासनिक विस्तार और तकनीक आधारित सुधारों के ज़रिए पुलिस व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को और मज़बूत करेगी। सुश्री बनर्जी ने कहा, "राज्य सरकार लोगों की सेवा करती रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि हमारी आने वाली पीढ़ी का चौतरफा विकास हो और वे हर क्षेत्र में नंबर वन बनें।" उन्होंने कहा कि 'बंगला युवा साथी' योजना के तहत बेरोज़गार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, "यह बेरोज़गारी भत्ता नहीं है। जो लोग छात्रवृत्ति पा रहे हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह एक तरह का जेब खर्चा है और उन्हें यह तब तक मिलता रहेगा, जब तक उन्हें कोई नौकरी नहीं मिल जाती।"
तृणमूल के घोषणइा पत्र में 'लक्ष्मियों की जीत, आत्मनिर्भरता अमर' - 'लक्ष्मी भंडार' नामक एक लोकप्रिय योजना की घोषणा की गयी है। इस योजना के तहत, सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी-एसटी) श्रेणियों की महिलाओं को हर महीने 1700 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार 'घर-घर नल, स्वच्छ पेयजल' योजना के तहत हर घर तक पाइप से पीने का पानी पहुंचाएगी। 'निश्चित बसास्थान, चिंतर आबासन' (पक्का घर, सारी चिंताओं का अंत) योजना के तहत, तृणमूल कांग्रेस ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि बंगाल के हर परिवार के पास एक पक्का घर हो।
तृणमूल ने 'शिक्षाई संपद, भविष्यत निरापद' (शिक्षा एक संसाधन है, जो भविष्य को सुरक्षित बनाती है) पहल के तहत सभी सरकारी विद्यालय के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से अद्यतन करने का वादा किया है। इसके साथ तृणमूल ने यह भी वादा किया कि वह विश्व-स्तरीय लॉजिस्टिक्स, बंदरगाहों, व्यापारिक बुनियादी ढांचे और अत्याधुनिक वैश्विक व्यापार केंद्र के साथ बंगाल को पूर्वी भारत के लिए सभी व्यापार का प्रवेश द्वार बनाएगी। इसके अलावा सभी मौजूदा लाभार्थियों को बिना किसी रुकावट के वृद्धावस्था पेंशन सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता दोहरायी है। साथ ही धीरे-धीरे इस पेंशन सुरक्षा कवच का विस्तार सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंचाने का वादा किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक व्यापक भौगोलिक पुनर्गठन के माध्यम से सात नए जिले भी बनाएगी और शहरी स्थानीय निकायों की संख्या में विस्तार करेगी।