कोलकाता: Delhi Siliguri Bullet Train: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच बढ़े तालमेल का असर अब रेलवे परियोजनाओं पर भी दिखाई देने लगा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद कई अहम घोषणाएं की गईं। दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य में लंबित रेल परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और दिल्ली से उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी प्राथमिकता दी जाएगी। रेल मंत्री ने कहा कि आगामी आम बजट में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके पूरा होने से उत्तर भारत, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच तेज और आधुनिक रेल संपर्क स्थापित होगा।
छह घंटे में पूरी होगी 1500 किलोमीटर की दूरी
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से सिलीगुड़ी तक करीब 1500 किलोमीटर का सफर महज छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में इस दूरी को पार करने में लगभग 20 घंटे लगते हैं। हाई-स्पीड ट्रेन 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे यात्रियों को समय की बड़ी बचत होगी। यह परियोजना केवल पश्चिम बंगाल के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग का बड़ा हिस्सा भी हाई-स्पीड नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
इन शहरों को जोड़ने की योजना
प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर नई दिल्ली से शुरू होकर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, पटना और सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। भविष्य में इसे असम की राजधानी गुवाहाटी तक विस्तारित किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। योजना के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी की दूरी लगभग तीन घंटे 50 मिनट में तय की जा सकेगी। वहीं दिल्ली से पटना का सफर करीब चार घंटे 20 मिनट में पूरा होगा, जबकि वाराणसी से सिलीगुड़ी तक की दूरी लगभग दो घंटे 55 मिनट में तय की जा सकेगी।
बंगाल में एक लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को मिलेगी गति
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के साथ समन्वय की कमी के कारण कई रेल परियोजनाएं लंबे समय तक अटकी रहीं। अब केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर सहयोग से बंगाल में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार, स्टेशन आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे राज्य के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कोलकाता मेट्रो को मिलेंगी नई पीढ़ी की 60 ट्रेनें
रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में शहर को छठी पीढ़ी (सिक्स्थ जेनरेशन) की 60 नई मेट्रो रेक उपलब्ध कराई जाएंगी। इन आधुनिक ट्रेनों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और महानगर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि नई मेट्रो रेक के आने से यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में आसानी होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित तथा आरामदायक बनेगी।
भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि जल्द उपलब्ध कराएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रेलवे को भूमि हस्तांतरण की समय-सारिणी तैयार करें, ताकि किसी भी परियोजना में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केंद्र और राज्य के बीच टकराव की राजनीति के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों तक लंबित रहीं, लेकिन अब विकास को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
देश की दूसरी बुलेट ट्रेन परियोजना होगी
दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर देश की दूसरी बुलेट ट्रेन परियोजना होगी। इससे पहले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। करीब 508 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के अगले वर्ष शुरू होने की उम्मीद है। दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के शुरू होने से देश के उत्तर और पूर्वोत्तर हिस्सों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कोलकाता में मेट्रो और ऑटो से पहुंचे रेल मंत्री
कोलकाता दौरे के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आम नागरिकों की तरह यात्रा कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हवाई अड्डे से निकलने के बाद वह सीधे जय हिंद मेट्रो स्टेशन पहुंचे और वहां यात्रियों तथा कर्मचारियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने मेट्रो से नोआपाड़ा स्टेशन तक सफर किया। नोआपाड़ा से वह ऑटो रिक्शा में बैठकर राज्य सचिवालय नवान्न पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सामान्य यात्री की तरह यातायात नियमों का पालन किया और अपेक्षाकृत कम सुरक्षा घेरे में यात्रा की। उनके इस अंदाज की चर्चा पूरे दिन होती रही।
मिलेगा नया कनेक्टिविटी नेटवर्क
दिल्ली से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना केवल एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच आधुनिक संपर्क का नया माध्यम साबित हो सकती है। इसके जरिए लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, वहीं व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।