गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए संदिग्ध विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ‘गाजी 2’ (Ghazi 2) नाम के एक अकाउंट से पोस्ट कर प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन (Tehreek-ul-Mujahideen) ने धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इसी अकाउंट से पुलिस चौकी को उड़ाने की धमकी भी दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही हैं।
रात करीब 10 बजे हुआ जोरदार विस्फोट
चश्मदीदों के मुताबिक, वसुंधरा पुलिस चौकी के भीतर रात करीब 10 बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की आवाज आसपास के इलाकों तक सुनाई दी। धमाके का प्रभाव इतना तेज था कि चौकी के दरवाजे, खिड़कियां और वहां लगा एयर कंडीशनर (एसी) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय चौकी के अंदर एक सब-इंस्पेक्टर और खाना पहुंचाने आया 20 वर्षीय डिलीवरी बॉय विशाल मौजूद थे। विस्फोट के दौरान कांच के टुकड़े लगने से विशाल घायल हो गया। उसे तत्काल दिल्ली के सूर्य नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
आतंकी संगठन के दावे से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
धमाके के बाद ‘गाजी 2’ नाम के एक्स अकाउंट से सामने आई पोस्ट में दावा किया गया कि पुलिस चौकी को निशाना बनाने के पीछे तहरीक-उल-मुजाहिदीन का हाथ है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस, साइबर सेल और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोस्ट वास्तव में किसी प्रतिबंधित संगठन की ओर से की गई है या किसी असामाजिक तत्व ने दहशत फैलाने के लिए इसका इस्तेमाल किया है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान, पोस्ट की प्रामाणिकता और उसके डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।
एसी ब्लास्ट, पटाखे या विस्फोटक सामग्री?
धमाके की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। पुलिस शुरुआती तौर पर एसी में विस्फोट होने की आशंका जता रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी में जब्त करके रखे गए पटाखों में विस्फोट हो सकता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वसुंधरा चौकी एलिवेटेड रोड के नीचे स्थित है। आशंका जताई जा रही है कि सड़क के ऊपर से किसी ने विस्फोटक सामग्री चौकी की ओर फेंकी हो। हालांकि, इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी के एक कमरे का इस्तेमाल एलिवेटेड रोड के कंट्रोल रूम के रूप में किया जाता है। फिलहाल यह कमरा बंद रहता है, लेकिन पुलिसकर्मी अक्सर वहां बैठते हैं। लोगों का दावा है कि क्षेत्र में अवैध रूप से बिकने वाले पटाखों को जब्त करके इसी कमरे में रखा जाता था। पुलिस अधिकारियों ने पटाखों में विस्फोट होने की बात से इनकार किया है।
लाजपत नगर हादसे के बाद भी सुरक्षा पर सवाल
वसुंधरा चौकी में हुए धमाके ने साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित रामलीला मैदान में पांच अक्टूबर को हुए हादसे की याद दिला दी है। वहां रावण का पुतला तैयार करते समय हुए विस्फोट में अब तक ठेकेदार अनिल समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। उस घटना के बाद भी विस्फोटक सामग्री और जब्त सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछली घटना से सबक लेकर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाने चाहिए थे।
फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगी धमाके की वजह
इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबलि मौर्य ने बताया कि पुलिस चौकी के भीतर अचानक विस्फोट हुआ है। धमाका किस उपकरण, सामग्री या अन्य कारण से हुआ, इसका पता विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से नमूने और विस्फोट के अवशेष एकत्र कर चुकी है। पुलिस चौकी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। एलिवेटेड रोड पर लगे कैमरों की जांच से किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। विस्फोट की वास्तविक वजह, सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन के दावे की सत्यता और घटना में किसी साजिश की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।