किसान की आवाज दबा नहीं सकती सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि किसान विरोधी काले कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली आ रहे किसानों के साथ संविधान दिवस पर हुई बर्बरता उनके अधिकारों को कुचलने का प्रयास है

Update: 2020-11-27 09:22 GMT

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि किसान विरोधी काले कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली आ रहे किसानों के साथ संविधान दिवस पर हुई बर्बरता उनके अधिकारों को कुचलने का प्रयास है लेकिन उसे समझ लेना चाहिए कि देश के अन्नदाता की आवाज को जबरन दबाया नहीं जा सकता है।

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसान कृषि विरोधी तीन कानूनों को खत्म करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के वास्ते दिल्ली में आयोजित रैली में हिस्सा लेने आ रहे थे लेकिन उन्हें सीमा पर रोका गया और भीषण सर्दी के बावजूद उन पर पानी की बौछारें की गयीं।

उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण कृत्य करार दिया और कहा कि सरकार ने इन किसानों के साथ बर्बरता की है और इससे जाहिर होता है कि वह जबरन देश के 62 करोड़ अन्नदाता की आवाज दबाना चाहती है लेकिन किसान अपने अधिकारों के लिए सजग हैं और वे किसी भी बर्बरता से रुकने वाले नहीं है।

प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही इन तीनों कानूनों का विरोध करती रही है और इस वजह से उसके सांसदों को निलंबित भी किया गया था लेकिन कांग्रेस इस तरह की कोशिशों से डरने वाली नहीं है। पार्टी संसद से सड़क तक किसानों के साथ खड़ी है और उनका समर्थन करती रहेगी।
 

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