डीके शिवकुमार का पलटवार- ‘मुख्यमंत्री का बेटा ही हमारा आलाकमान’
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का व्यंग्य 'मुख्यमंत्री का बेटा हमारा आलाकमान है' सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जिसे कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक कलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा है
कर्नाटक कांग्रेस में बयानबाजी से बढ़ी आंतरिक कलह
- यतींद्र सिद्दारमैया के बयान पर शिवकुमार का व्यंग्य सोशल मीडिया पर छाया
- नेतृत्व परिवर्तन पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस में खींचतान तेज
- शिवकुमार बनाम सिद्दारमैया कैंप- कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ती तकरार
बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का व्यंग्य 'मुख्यमंत्री का बेटा हमारा आलाकमान है' सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जिसे कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक कलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
श्री शिवकुमार यह टिप्पणी कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया के उस बयान के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी आलाकमान ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।
श्री शिवकुमार ने टिप्पणी की, "वह जो कुछ भी कहेंगे मैं उसका सम्मान करूँगा। चूँकि उन्होंने इस तरह बात की है जैसे वह आलाकमान का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो आइए हम उनके साथ वैसा ही व्यवहार करें।" उन्होंने यह टिप्पणी शुक्रवार को मंगलुरु हवाई अड्डे पर की जब पत्रकारों ने श्री यतींद्र के बयान पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी।
इससे पहले, यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा था कि नेतृत्व परिवर्तन की बात काफी हद तक मीडिया द्वारा चलाई जा रही है। उन्होंने कहा, "मीडिया को छोड़कर राजनीतिक हलकों में कोई भी इस पर चर्चा नहीं कर रहा है। यह एक तय मामला है। राज्य में आगामी बजट सहित अन्य ज्वलंत मुद्दे हैं। राज्य का राजस्व पहले की तरह नहीं आ रहा है और केंद्र सरकार धन का पूरा हिस्सा जारी नहीं कर रही है। हमारा ध्यान इन मामलों पर होना चाहिए।"
श्री यतींद्र ने कहा, "मेरे अनुसार, आलाकमान ने शायद खुले तौर पर ऐसा नहीं कहा होगा, लेकिन स्पष्ट संकेत दिया है कि कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। इसलिए मेरा मानना है कि सिद्दारमैया पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे।"
इससे पहले गुरुवार को श्री शिवकुमार ने विश्वास जताया था कि जब भी कोई राजनीतिक फैसला लिया जाना होगा, पार्टी आलाकमान उन्हें नयी दिल्ली बुलाएगा। उन्होंने कहा, "बिल्कुल। आलाकमान जो भी राजनीतिक फैसला लेगा, उसके लिए जब भी जरूरत होगी, वे हमें निश्चित रूप से बुलाएंगे।"
श्री शिवकुमार और श्री यतींद्र के बीच सार्वजनिक बयानबाजी राज्य कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह को सामने लाती है, जिससे शीर्ष पद के लिए चल रहे संघर्ष को और बल मिला है। नवंबर 2025 में सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के बाद से ही नेतृत्व की खींचतान चल रही है।