Weather Update : 4 जून को केरल पहुंचेगा मानसून, उत्तर भारत में फिलहाल गर्मी से राहत नहीं

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद तापमान में वृद्धि शुरू हो गई है। सोमवार को कई जिलों में आंधी और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन यह राहत अब ज्यादा दिन नहीं रहने वाली।;

Update: 2026-06-02 08:53 GMT

नई दिल्ली : Monsoon Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों के भीतर केरल में दस्तक दे सकता है। विभाग के अनुसार, 4 जून तक मानसून के केरल पहुंचने की प्रबल संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे इसके समय पर या थोड़े अंतराल के साथ पहुंचने की उम्मीद है। IMD ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून केवल केरल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगले कुछ दिनों में यह अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व हिस्सों, लक्षद्वीप, तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों और बंगाल की खाड़ी के हिस्सों तक फैल सकता है।

केरल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम जिलों में बुधवार और गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा पत्तनमथिट्टा और कोझीकोड में भी गुरुवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है। इतनी तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। राज्य के अन्य कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो व्यापक स्तर पर बारिश की संभावना को दर्शाता है।

मानसून की रफ्तार पर नजर

मौसम विभाग ने अपने बयान में कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। यह अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में सक्रिय हो सकता है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बाकी क्षेत्रों में भी मानसून के विस्तार की संभावना जताई गई है। इससे आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल सकता है।

तमिलनाडु में बारिश और गर्मी का मिला-जुला असर

तमिलनाडु के कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, तिरुपुर, डिंडीगुल, तेनकासी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, नमक्कल, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, रानीपेट और मदुरै में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। यह स्थिति 7 जून तक बनी रह सकती है। वहीं दूसरी ओर, उत्तर तमिलनाडु और चेन्नई जैसे तटीय क्षेत्रों में गर्मी और अत्यधिक नमी के कारण मौसम असहज बना हुआ है। यहां बारिश की कमी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

केरल में मानसून में देरी

आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसमें कुछ देरी देखी गई है। मौसम विभाग ने पहले 26 मई को मानसून के आगमन का अनुमान लगाया था, जिसे बाद में संशोधित किया गया। 29 मई को IMD ने कहा था कि मानसून अगले सप्ताह तक केरल पहुंच सकता है। इसके साथ ही विभाग ने यह भी संकेत दिया था कि इस वर्ष देश में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इसका एक कारण अल नीनो की स्थिति का उभरना बताया गया है, जो सामान्यतः मानसून की वर्षा को प्रभावित करता है।

उत्तर भारत में बढ़ेगा तापमान

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद तापमान में वृद्धि शुरू हो गई है। सोमवार को कई जिलों में आंधी और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन यह राहत अब ज्यादा दिन नहीं रहने वाली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। फर्रुखाबाद में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।

उत्तर प्रदेश में बदलता मौसम

उत्तर प्रदेश में सोमवार को कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना रहा। लखनऊ समेत पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में बादल छाए रहे, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सुल्तानपुर में 14.8 मिमी, फतेहपुर में 7.3 मिमी, अमेठी में 6.6 मिमी, आजमगढ़ में 3.8 मिमी, हरदोई में 1.6 मिमी और झांसी में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि अब मौसम विभाग ने साफ किया है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो रहा है और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी।

अन्य राज्यों में मौसम का हाल

मध्य भारत के राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने और आंधी की स्थिति बनने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। राजस्थान और गुजरात में भी कुछ इलाकों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे वहां मौसम सुहावना रह सकता है। पूर्वोत्तर भारत में 6 और 7 जून के आसपास भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में तेज वर्षा और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है।

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