सीजेपी प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा, 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल; 15 एफआईआर दर्ज

दिल्ली में सीजेपी के 20 जुलाई के 'संसद चलो' प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा। 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 एफआईआर दर्ज, एफआरएस कैमरों से 2,000 से अधिक लोगों की पहचान।;

Update: 2026-07-25 06:27 GMT
नई दिल्ली।दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए "संसद चलो" मार्च के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 130 पुलिसकर्मी और करीब 65 छात्र घायल हुए। मामले में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा, 3,000 पुलिसकर्मी तैनात

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर और उसके आसपास प्रतिदिन औसतन करीब 10,000 प्रदर्शनकारी मौजूद रहते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार प्रदर्शन स्थल की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

FRS कैमरों से 2,000 से अधिक लोगों की पहचान का दावा

दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस तकनीक की मदद से अब तक 2,000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि इन लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई थी झड़प

20 जुलाई को हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। घटना के बाद पुलिस ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर हिंसा भड़काने की कोशिश की थी।

CJP ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन भी उन पुलिसकर्मियों की सूची सार्वजनिक करेगा, जिन पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप हैं। उन्होंने दावा किया कि कई छात्रों को सड़कों पर घसीटा गया, स्वयंसेवकों के साथ हिंसा हुई और कुछ छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। रांका ने कहा कि उनकी सूची जनता की गवाही के आधार पर तैयार की जाएगी।

15 एफआईआर दर्ज, कई धाराओं में जांच जारी

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। जांच एजेंसियां वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।

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