‘कांग्रेस कभी नंबर वन पार्टी थी’, बीएमसी चुनाव के परिणाम पर उदित राज का बयान
कांग्रेस नेता उदित राज ने बीएमसी चुनाव के परिणाम के बाद कहा कि हमें यह सोचना होगा, आत्मचिंतन करना होगा कि एक समय कांग्रेस नंबर-1 पार्टी थी। लेकिन, नगर निगम के चुनावों में इस तरह की हार क्यों हुई।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता उदित राज ने बीएमसी चुनाव के परिणाम के बाद कहा कि हमें यह सोचना होगा, आत्मचिंतन करना होगा कि एक समय कांग्रेस नंबर-1 पार्टी थी। लेकिन, नगर निगम के चुनावों में इस तरह की हार क्यों हुई।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह हार हमारी है, कांग्रेस की है, बीएमसी की है। हम दूसरों को संदेश क्यों दें। हमें भी आत्ममंथन करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी नंबर वन पार्टी थी। अगर कोई संगठनात्मक कमी है, तो अपना आत्मचिंतन करें। यही बड़ी बात है।
चुनाव परिणाम में भाजपा गठबंधन को मिली जीत पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह चुनाव से पहले भी स्पष्ट था और नामांकन के समय भी यह साफ हो गया था कि बलपूर्वक तरीकों का इस्तेमाल किया गया था और लोगों पर उम्मीदवार थोपे गए थे।
उन्होंने कहा कि वोटिंग के दिन भी धांधली हुई है। कई वोटर वोट देने गए, लेकिन वोटर लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था। उन्होंने कोशिश की, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। अब क्या कहा जा सकता है। यह जनता के वोट की जीत है या बेईमानी की जीत।
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन उसके आकलन की तुलना में बेहतर नहीं रहा। पार्टी इससे बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही थी। पार्टी ने बीएमसी चुनाव महाविकास अघाड़ी से अलग होकर लड़ा। पार्टी नेताओं का चुनाव से पहले दावा था कि इस चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा मौके देने चाहिए। पार्टी को उम्मीद थी कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे, लेकिन निराशा हाथ लगी।
दूसरी ओर बीएमसी में लंबे समय तक राज करने वाली शिवसेना (यूबीटी) को जोरदार झटका लगा है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने का लाभ भी ठाकरे बंधुओं को नहीं हुआ।
बीएमसी में भाजपा गठबंधन की जीत के बाद जश्न का माहौल है। भाजपा नेताओं के अनुसार, मुंबई का मेयर भाजपा का होगा। इसके साथ ही चुनाव से पहले जनता से किए वादों को पूरा किया जाएगा।