मिडिल ईस्ट में फंसे लोगों को निकालने में जुटी सरकार, पीएम मोदी ने 48 घंटों में की 8 देशों में बात
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तेज कूटनीतिक और विमानन स्तर पर कदम बढ़ा दिए हैं। विशेष उड़ानों का संचालन, एयरलाइनों के शेड्यूल में बदलाव और शीर्ष स्तर पर लगातार बातचीत इस बात का संकेत है कि सरकार हालात पर करीब से नजर रखे हुए है।
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब भी कई भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। उन्हें जल्दी और सुरक्षित भारत लौटाने के लिए खास कोशिशें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में गल्फ और पश्चिम एशिया के आठ देशों के नेताओं से बात की। उन्होंने हाल की हिंसा की निंदा की, क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत बताई और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया।
इसी बीच, स्पाईसजेट ने यूएई से 4 मार्च को 8 विशेष फ्लाइट्स चलाने की योजना बनाई है। ये सभी उड़ानें फुजेराह एयरपोर्ट से उड़ेंगी। इसमें दिल्ली के लिए 4 फ्लाइट्स, मुंबई के लिए 3 फ्लाइट्स और कोच्चि के लिए 1 फ्लाइट शामिल है. 3 मार्च को भी स्पाइसजेट ने चार विशेष फ्लाइट्स चलाई थीं, जिससे फंसे हुए लोग दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंच सके। साथ ही, सऊदी एयरलाइन्स की जेद्दा फ्लाइट SV756 दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर उतरी। जेद्दा मक्का का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए कई भारतीय मुस्लिम तीर्थयात्री इसी मार्ग से भारत लौटते हैं। इसी तरह, इंडिगो की चार विशेष फ्लाइट्स भी जेद्दा से उड़कर तीन शहरों-दिल्ली, मुंबई और कोच्चि में उतरीं।
इन 8 देशों के नेताओं से पीएम मोदी कर चुके हैं बात
UAE
इज़राइल
सऊदी अरब
जॉर्डन
बहरीन
ओमान
कुवैत
कतर
खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं
खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें से लगभग 10000 भारतीय नागरिक ईरान में हैं, जबकि 40,000 से अधिक लोग इजराइल में रहते हैं। ईरान-इजराइल युद्ध के बीच सैकड़ों भारतीय फंसे पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र अभी लगभग बंद है। पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण उड़ानों के बाधित होने से सैकड़ों भारतीय दुबई, दोहा और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। भारत ने संघर्षों के बीच पश्चिम एशिया सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हजारों भारतीयों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हेल्पलाइन शुरू की गई हैं।
अब तक 1,221 उड़ानें भारतीय एयरलाइनों द्वारा रद्द
विदेशी एयरलाइनों ने भी कुछ सीमित उड़ानों का संचालन किया है। बता दें कि मिडिल ईस्ट संकट की वजह से अब तक 1,221 उड़ानें भारतीय एयरलाइनों द्वारा रद्द और 388 उड़ानें विदेशी एयरलाइनों द्वारा रद्द की गई हैं। पिछले तीन दिनों में कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। सभी एयरलाइनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को समय पर जानकारी दें, टिकट रिफंड और बदलाव में मदद करें। यात्रियों से अपील की गई है कि वे फ्लाइट का स्टेटस अपने एयरलाइन की वेबसाइट या आधिकारिक सोर्स से ही चेक करें। सिविल एविएशन मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार एयरलाइनों और विदेशी हवाई अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से भारत लौटाया जा सके।