बिहार को गुजरात से 'रिमोट कंट्रोल' के जरिए चलाया जा रहा है: तेजस्वी यादव
पटना, बिहार में सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) पर कुशासन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को गुजरात से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जा रहा है और पिछले दो दशकों से बिहार के लोगों के हितों की अनदेखी की गई है।
पटना, बिहार में सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) पर कुशासन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को गुजरात से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जा रहा है और पिछले दो दशकों से बिहार के लोगों के हितों की अनदेखी की गई है।
आईएएनएस से बात करते हुए राजद नेता ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा हालात के लिए भाजपा से जुड़े तत्व जिम्मेदार हैं, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो जनता दल-यूनाइटेड के अंदर रहकर भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह कोई ठोस विकास किए बिना ही राज्य के संसाधनों को खत्म कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता छोड़ने से पहले उन्होंने बिहार का खजाना खाली कर दिया है। 20 साल तक शासन करने के बाद भी बिहार सबसे गरीब राज्यों में से एक बना हुआ है। यहां प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा के मामले में भी यह सबसे निचले पायदान पर है। यहां कोई उद्योग या कारखाना नहीं है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर मंत्रियों के बार-बार आने-जाने पर टिप्पणी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस तरह की हलचल का जनता की व्यापक चिंताओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी चिंता केवल बिहार की जनता है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आय, रोजगार, बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, कारखाने और किसानों की समस्याएं जैसे मुद्दे ही हमारा मुख्य केंद्र बिंदु हैं। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी सरकार आए, वह जनता की सरकार नहीं होगी।
उन्होंने सरकार के कामकाज की भी आलोचना करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों से कोई कैबिनेट बैठक नहीं हुई है, कोई फैसला नहीं लिया गया है। लोग परेशान हैं। प्रशासन निष्क्रिय हो गया है। भ्रष्टाचार बढ़ गया है। अपराध बढ़ गया है। नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं। चुनावों के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
एमएस/