सोनम वांगचुक ने कर दी घोषणा, वीडियो संदेश में कहा- 'आज अनशन तोड़ दूंगा, बस मेरी मांग मान ली जाए'
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा है कि अगर सरकार यह भरोसा दिला देती है कि छात्रों पर अब किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं किया जाएगा;
25 दिन का अनशन, सोनम वांगचुक बोले- भरोसा मिला तो आज ही तोड़ दूंगा
- छात्रों पर बल प्रयोग रुके, तभी खत्म होगा वांगचुक का अनशन
- 11 किलो वजन घटा, फिर भी जज्बा कायम- सोनम वांगचुक का संदेश
- 65 सांसदों की अपील, लेकिन सरकार के आश्वासन का इंतज़ार
- शांतिपूर्ण छात्रों की तारीफ करते हुए वांगचुक ने रखी शर्तें
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा है कि अगर सरकार यह भरोसा दिला देती है कि छात्रों पर अब किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं किया जाएगा और न ही उन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी या पुलिस के माध्यम से उन्हें परेशान किया जाएगा, तो वे आज ही अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि मैं अभी जिंदा हूं; यह मेरे अनशन का 25वां दिन है। 25वें दिन तक मेरा लगभग 11 किलो वजन कम हो चुका है और काफी मांसपेशियां भी कम होने लगी हैं, मगर मैं ठीक हूं। कल रात मुझे सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के एक मेदांता अस्पताल में लाया गया है।
ABHI BHI ZINDA HUN.... DAY 25 pic.twitter.com/SnwKXMfvOO
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 22, 2026
सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भी तारीफ की। वांगचुक ने कहा कि मैं उन सभी छात्रों की सराहना करना चाहता हूं, जिन्होंने बेहद शांतिपूर्ण तरीके से व्यवहार किया। उन्होंने खुद पर लाठियां खाईं, लेकिन वापस कोई हमला नहीं किया। काफी उकसावे और कुछ तत्वों द्वारा पत्थर फेंकने की कोशिशों के बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा। यह देखकर मेरा दिल पिघल गया।
उन्होंने कहा कि छात्रों पर बहुत बर्बरता से हमले हो रहे थे, इसलिए मैंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया था। अब भी मेरे पास कई नेता अनशन तुड़वाने की अपील लेकर आए हैं। इनमें मंत्री और सांसद भी शामिल हैं। लगभग 65 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ मुझसे आग्रह किया जा रहा है कि मैं अनशन खत्म कर दूं और वापस देश सेवा में लग जाऊं। मैं खुद भी ऐसा ही करना चाहता हूं, क्योंकि मेरे लिए मेरा काम बहुत जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं सरकार से विनती करता हूं कि बच्चों पर इस तरह बल प्रयोग न किया जाए। दूसरी बात, छात्रों पर ऐसे आरोप और एफआईआर दर्ज न की जाए, जिनके जरिए उन्हें जेल, पुलिस या अन्य माध्यमों से परेशान किया जा सके। मुझे इस संबंध में आश्वासन चाहिए। यदि यह आश्वासन जल्द मिल जाता है, तो मैं आप सभी और यहां आए नेताओं की बातों का सम्मान करते हुए आज ही अपना अनशन तोड़ दूंगा। लेकिन, यदि ऐसा कोई आश्वासन नहीं मिलता है, तो बदकिस्मती से मुझे अपना अनशन जारी रखना पड़ेगा।