लंदन: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने पदभार संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर अपनी नई कैबिनेट की घोषणा कर दी। नई टीम में भारतीय मूल के दो नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपकर उन्होंने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं और नेतृत्व की दिशा का स्पष्ट संकेत दिया है। कनिष्क नारायण को पदोन्नत कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मंत्री बनाया गया है, जबकि लिसा नंदी को संस्कृति, मीडिया और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई नियुक्तियों को बर्नहम सरकार में भारतीय मूल के नेताओं के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
एक दशक में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने बर्नहम
56 वर्षीय एंडी बर्नहम ने सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह पिछले लगभग एक दशक में देश के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। "किंग ऑफ द नॉर्थ" के नाम से लोकप्रिय बर्नहम शुक्रवार को सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के निर्विरोध नेता चुने गए थे। 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपने पहले संबोधन में उन्होंने राजनीतिक अस्थिरता के दौर को समाप्त करने, जिम्मेदार शासन देने और देश में स्थिरता बहाल करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोगों का विश्वास मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए काम करेगी।
कैबिनेट में बड़े बदलाव
प्रधानमंत्री बनने के बाद बर्नहम ने अपनी कैबिनेट में कई अहम बदलाव किए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कुछ करीबी नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर कर नई टीम तैयार की। नई कैबिनेट में जान हीली को वित्त मंत्री बनाया गया है, जबकि एड मिलिबैंड को विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि नई टीम आर्थिक सुधार, विदेश नीति और तकनीकी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगी।
कनिष्क नारायण को मिला AI मंत्रालय
भारतीय मूल के कनिष्क नारायण को पदोन्नत कर कैबिनेट में शामिल किया गया है और उन्हें AI मंत्री बनाया गया है। बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे 36 वर्षीय कनिष्क का बचपन वेल्स की राजधानी कार्डिफ में बीता, जहां उनका परिवार प्रारंभिक वर्षों में ही बस गया था। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। निजी क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। पूर्ववर्ती सरकार में वे AI मामलों के जूनियर मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्हें भारत और ब्रिटेन के बीच तकनीकी सहयोग तथा रणनीतिक साझेदारी का समर्थक माना जाता है।
लिसा नंदी को संस्कृति मंत्रालय की जिम्मेदारी
भारतीय मूल की वरिष्ठ लेबर नेता लिसा नंदी को संस्कृति, मीडिया और खेल मंत्रालय का नेतृत्व सौंपा गया है। इससे पहले वह इसी विभाग में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं। 44 वर्षीय लिसा का जन्म मैनचेस्टर में हुआ था। उनके पिता दीपक नंदी, जिनका जन्म कोलकाता में हुआ था, शिक्षाविद रहे हैं। उनकी मां लुईस बायर्स ब्रिटिश मूल की हैं। भारतीय विरासत और ब्रिटिश राजनीतिक अनुभव का उनका संयोजन उन्हें लेबर पार्टी की प्रमुख नेताओं में शामिल करता है।
भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भूमिका
नई कैबिनेट में कनिष्क नारायण और लिसा नंदी को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे जाने से यह संकेत मिलता है कि ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न दलों में भारतीय मूल के सांसदों और मंत्रियों की संख्या बढ़ी है, जो ब्रिटेन की बहुसांस्कृतिक राजनीति को भी दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और विदेश नीति जैसे क्षेत्रों में भारतीय मूल के नेताओं की सक्रिय भूमिका दोनों देशों के संबंधों को भी सकारात्मक दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एंडी बर्नहम को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं और दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वह नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में 'विजन 2035' के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
जयशंकर ने एड मिलिबैंड को दी शुभकामनाएं
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पदभार संभालने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर जारी अपने संदेश में भारत और ब्रिटेन के बीच विदेश नीति, व्यापार, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।