होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच दो भारतीय एलपीजी टैंकरों की वापसी की तैयारी, समुद्री यातायात अब भी ठप

जहाजों ने अपनी यात्रा की तैयारी के संकेत दे दिए हैं और संभावना जताई जा रही है कि वे जल्द ही, संभवतः शनिवार को, भारत के लिए रवाना हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस संबंध में विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।

Update: 2026-03-21 10:04 GMT

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा चिंताओं के बीच भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ कुछ दिनों के ठहराव के बाद अब स्वदेश लौटने की तैयारी में हैं। ये दोनों टैंकर फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह बंदरगाह के पास खाड़ी के जलक्षेत्र में लंगर डाले हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, जहाजों ने अपनी यात्रा की तैयारी के संकेत दे दिए हैं और संभावना जताई जा रही है कि वे जल्द ही, संभवतः शनिवार को, भारत के लिए रवाना हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस संबंध में विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।

ठप पड़ा समुद्री यातायात

होर्मुज जलडमरूमध्य जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, इन दिनों लगभग ठहराव की स्थिति में है। पिछले 24 घंटों में इस जलमार्ग से कोई भी तेल टैंकर नहीं गुजरा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। यह ठहराव मुख्य रूप से ईरान की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उसने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हमले की आशंका जताई थी। इसके चलते सैकड़ों जहाजों ने खाड़ी क्षेत्र में ही लंगर डाल लिया है और आगे बढ़ने से बच रहे हैं।

भारतीय टैंकरों को मिल चुकी थी अनुमति

पिछले सप्ताह ईरान ने भारतीय ध्वज वाले इन दोनों एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद, क्षेत्र में अस्थिर सुरक्षा हालात को देखते हुए जहाजों ने तत्काल यात्रा नहीं की और सुरक्षित स्थान पर ठहरना ही बेहतर समझा। अब जब स्थिति में कुछ हद तक स्पष्टता आई है, तो इन टैंकरों के रवाना होने की संभावना बढ़ गई है।

कौन हैं ये टैंकर और किसके पास है जिम्मेदारी

‘जग वसंत’ टैंकर को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भाड़े पर लिया हुआ है। ‘पाइन गैस’ टैंकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अनुबंध पर संचालित है ये दोनों जहाज भारत के लिए एलपीजी आपूर्ति की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं और इनकी सुरक्षित वापसी ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

सरकारी प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्थिति

जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि फिलहाल उनके पास जहाजों की रवानगी को लेकर तत्काल कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों टैंकर यात्रा के लिए तैयार हैं और जल्द ही अपनी वापसी शुरू कर सकते हैं।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहराता असर

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इस मार्ग में बाधा आने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित होता है

मौजूदा हालात के कारण

तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है

वैश्विक कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है 

आयात-निर्भर देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर असर पड़ रहा है

अन्य घटनाक्रम भी बढ़ा रहे चिंता

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित कच्चे तेल का एक खाली टैंकर 18 मार्च को ईरानी जलक्षेत्र की ओर लौट गया था। यह घटना भी इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अनिश्चितता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में सैन्य और राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी पूरी तरह सामान्य होना मुश्किल है। भारत सहित कई देश अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय एलपीजी टैंकरों ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ की संभावित वापसी ऐसे समय में हो रही है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अपने चरम पर है। इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है। 

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