इजरायली हमलों के बाद ईरान का पलटवार: खाड़ी में कई रिफाइनरी को बनाया निशाना; अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत
इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने पलटवार किया है। तेहरान ने पड़ोसी अरब देशों में हमले तेज किए हैं। खाड़ी देशों में कई रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिति गंभीर होती जा रही है।
तेहरान। ईरान ने गुरुवार को खाड़ी क्षेत्र के अरब पड़ोसी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए। यह कदम इजरायल की ओर से उसके मुख्य अपतटीय गैस क्षेत्र पर किए गए हमले के जवाब में उठाया गया। ईरान ने लाल सागर में सऊदी अरब की एक रिफाइनरी पर हमला किया और कतर की एलएनजी सुविधाओं तथा कुवैत की दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया। इससे पश्चिम एशिया में जारी युद्ध गंभीर स्थिति में पहुंच गया है और दुनियाभर में ईंधन की कीमतें तेजी से वृद्धि हुई है।
युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। 28 फरवरी को इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, इसके बाद से इसमें 57 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऊर्जा संकट की आशंका के कारण बाजारों में चिंता बढ़ गई है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तट के पास एक जहाज में आग लग गई और कतर के पास एक अन्य जहाज को नुकसान पहुंचा। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे की ओर ध्यान गया, जहां से दुनिया के तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है और जिस पर ईरान का प्रभाव है।
सऊदी अरब पहले ही इस जलमार्ग से बचने के लिए तेल को पश्चिम की ओर लाल सागर के रास्ते भेज रहा था, लेकिन यनबू शहर में स्थित उसकी सैमरेफ रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद इस रास्ते की सुरक्षा पर भी सवाल उठ गए हैं। कतर ने बताया कि उसकी एक बड़ी एलएनजी सुविधा में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इससे पहले के हमलों के कारण उत्पादन पहले ही बंद था। लेकिन नए हमलों से वहां और ज्यादा नुकसान हुआ है। इससे युद्ध खत्म होने के बाद भी कतर की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। कतर दुनिया के लिए प्राकृतिक गैस का एक बड़ा स्रोत है।
कुवैत में रिफाइनरी पर ड्रोन हमला
कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से आग लग गई। हालांकि, किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। इसके कुछ ही समय बाद पास की मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में भी आग लग गई।
हमलों से भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया: सऊदी राजनयिक
अबू धाबी के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें हबशन गैस सुविधा और बाब फील्ड में काम बंद करना पड़ा। उन्होंने इसे ईरान के हमलों को खतरनाक बढ़ोतरी बताया। खाड़ी क्षेत्र के कई इलाकों में मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजे और इस्राइल ने भी कई बार ईरानी हमलों की चेतावनी दी। कतर, सऊदी अरब और यूएई ने इन हमलों की निंदा की है। सऊदी अरब के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि इन हमलों से भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है।
सऊदी अरब ने मार गिराए छह ड्रोन
इसके बावजूद ईरान ने अपने हमले जारी रखे। सऊदी अरब ने रियाद और पूर्वी प्रांत में छह ड्रोन मार गिराए। लेकिन सैमरेफ रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा। यह रिफाइनरी सऊदी अरामको और एक्सॉनमोबिल की साझेदारी है।
इजरायल में सुरक्षित ठिकानों पर गए लाखों लोग
इजरायल में भी ईरान के कई हमलों के कारण लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। इमारतों को नुकसान पहुंचा। लेकिन बड़े पैमाने पर जनहानि की खबर नहीं है। ईरान ने ये हमले तब किए, जब इस्राइल ने दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया था, जो दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है और कतर के साथ साझा किया जाता है। यह हमला ईरान की बिजली आपूर्ति के लिए भी खतरा माना जा रहा है क्योंकि देश की ज्यादातर बिजली प्राकृतिक गैस से बनती है।
पेजेशकियन और ट्रंप ने क्या कहा?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी कि इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं और पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान कतर के ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखता है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।
कतर की एलएनजी सुविधा फर मिसाइल हमला
इस बीच, कतर की रास लाफन एलएनजी सुविधा पर मिसाइल हमले से आग लग गई। कतर के तट के पास एक जहाज भी प्रभावित हुआ। हालांकि, यह साफ नहीं है कि उसे सीधे निशाना बनाया गया या मलबे से नुकसान हुआ। युद्ध के दौरान अब तक 20 से ज्यादा जहाजों पर हमले हो चुके हैं, क्योंकि ईरान इस अहम जलमार्ग पर सख्त नियंत्रण बनाए हुए है। ईरान का कहना है कि यह मार्ग खुला है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नहीं।
ईरान में तीन लोगों को फांसी दी गई
इसी बीच, ईरान ने जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को फांसी दी। उन पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप था। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि ईरान में जबरन कबूलनामे कराए जाते हैं और आरोपियों को उचित बचाव का मौका नहीं मिलता।
युद्ध के दौरान कितनी मौतें और कितने लोग प्रभावित?
युद्ध के तीसरे हफ्ते में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। ईरान में 1,300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस्राइली हमलों के कारण लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं और वहां 968 लोगों की मौत हुई है। इस्राइल में ईरानी मिसाइल हमलों से 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक थाई कृषि मजदूर भी शामिल है। वेस्ट बैंक में भी तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं, 13 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है।